किसानों को नहीं छोड़ेंगे अकेला, मंत्रियों से खेतों में जाकर पंचनामे कराने को कहा: शिंदे
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति पर हुई कैबिनेट बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंत्रियों को खेतों में जाकर नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए।
महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात को देखते हुए हुई कैबिनेट बैठक में किसानों की मदद को लेकर विस्तार से बातचीत हुई। बैठक के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि खराब हुई फसलों के तुरंत पंचनामे करने के निर्देश दिए गए हैं। शिंदे ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद कुछ इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लेंगे, और वे खुद भी कुछ इलाकों में जाकर स्थिति देखेंगे।
राज्य में बारिश की कमी की वजह से कई जगह फसलों का नुकसान हुआ है और किसान मुश्किल में फंसे हुए हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने किसानों की मदद के लिए तेजी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। बैठक के बाद यह भी सामने आया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नुकसान वाले इलाकों में पंचनामे शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि बलिराजा यानी किसान अन्नदाता है और सरकार के खजाने पर सबसे पहला हक उसी का है। उन्होंने कहा कि किसानों को इस संकट से बाहर निकालना सरकार का काम है। शिंदे ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी अतिवृष्टि सहित तमाम संकटों में सरकार ने मदद की है।
शिंदे ने बताया कि अधिकारी सीधे किसानों के खेतों में जाकर नुकसान की जांच करेंगे और उसी हिसाब से पंचनामे किए जाएंगे। बैठक के बाद यह जानकारी भी सामने आई कि सूखे से निपटने के लिए एक अलग उपसमिति बनाई गई है।
शिंदे ने बताया कि उन्होंने शिवसेना के मंत्रियों को अपने अपने इलाकों में जाने की सूचना दी है। साथ ही गांव गांव में जनता दरबार लगाकर किसानों की परेशानियां समझने के भी निर्देश दिए गए हैं।
पीने के पानी की समस्या और जानवरों के लिए चारे की उपलब्धता को लेकर भी सरकार योजना बनाएगी, यह बात शिंदे ने कही। उन्होंने साफ किया कि आगे सरकार की तरफ से मदद तो मिलेगी ही, लेकिन शिवसेना भी किसानों की मदद के लिए कुछ जिम्मेदारी उठाएगी।
सूखे की स्थिति से निपटने के लिए मंत्रियों और प्रशासन को सीधे मैदान में उतरना चाहिए, यह बात शिंदे ने कही। उन्होंने बताया कि नुकसान वाले इलाकों में पंचनामे, पानी और चारे के मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। शिंदे ने कहा कि किसानों को हवा के भरोसे यानी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
इसी बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि सूखे से निपटने के लिए बनी विशेष समिति को कैबिनेट के अधिकार दिए गए हैं और स्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी।
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