मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:48 IST

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हर महीने कितना वेतन और कौन सी सरकारी सुविधाएं मिलती हैं

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हर महीने कितना वेतन और कौन सी सरकारी सुविधाएं मिलती हैं
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

देश में अभी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता पंजीकरण के 'फॉर्म 6' में हुए बदलावों को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आक्रामक रुख और तेज कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने भी 10 अक्टूबर से शांतिपूर्ण आंदोलन का ऐलान किया है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के मुख्यालय की तरफ मार्च निकाला गया। लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें आकाशवाणी भवन के पास ही रोक दिया। इस पूरे हंगामे और सियासी विवाद के केंद्र में मौजूद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का वेतन कितना है और उन्हें कौन सी सरकारी सुविधाएं मिलती हैं, इसे लेकर आम लोगों में जिज्ञासा पैदा हुई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त का पद देश के सबसे अहम और सर्वोच्च संवैधानिक पदों में गिना जाता है। ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के IAS अधिकारी रहे हैं और केंद्र सरकार में कई अहम पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वे 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त बने।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पद पर रहते हुए ज्ञानेश कुमार को हर महीने 2,50,000 रुपये वेतन मिलता है। यह वेतन सुप्रीम कोर्ट के जज या देश के कैबिनेट सचिव के वेतन के बराबर होता है। पहले भी CEC का वेतन सुप्रीम कोर्ट के जजों के बराबर ही था। वेतन के अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त को कई खास और ऊंचे दर्जे की सुविधाएं दी जाती हैं।

पहली सुविधा विशेष भत्ता है। उन्हें हर महीने 34,000 रुपये का भत्ता मिलता है। हालांकि CEC और बाकी चुनाव आयुक्तों ने इस भत्ते पर मिलने वाली इनकम टैक्स की छूट अपनी मर्जी से छोड़ने का फैसला किया है।

दूसरी सुविधा LTC यानी 'लीव ट्रैवल कन्सेशन' की है। यह सुविधा मुख्य चुनाव आयुक्त के लिए, उनकी पत्नी के लिए और उन पर निर्भर परिवार के सदस्यों के लिए होती है। साल में तीन बार मिलने वाली इस सुविधा का इस्तेमाल उन्होंने अपनी मर्जी से घटाकर साल में सिर्फ एक बार कर दिया है।

रहने के लिए उन्हें मुफ्त सरकारी निवास यानी बंगला दिया जाता है। इसके साथ आधिकारिक सरकारी गाड़ी, ड्राइवर और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी मिलती है। बिजली, पानी और टेलीफोन जैसी सेवाएं मुफ्त या भारी सब्सिडी पर दी जाती हैं। CEC और उनके परिवार को मुफ्त इलाज और स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलती हैं। रिटायरमेंट के बाद भी उन्हें अच्छी पेंशन और बाकी सरकारी फायदे मिलते हैं, जो सर्वोच्च संवैधानिक पदों के अधिकारियों पर लागू होते हैं।

ज्ञानेश कुमार की कुल संपत्ति (Net Worth) के बारे में सार्वजनिक तौर पर कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालांकि इसी साल अप्रैल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व सांसद साकेत गोखले ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए थे।

गोखले ने पूछा था कि ज्ञानेश कुमार की संपत्ति की जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के तहत 'निजी जानकारी' बताकर क्यों छिपाई गई। साकेत गोखले ने यह दावा भी किया था कि एक IAS अधिकारी के तौर पर काम करते समय कुमार की संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए थी।

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