पदवीधर चुनाव: बावनकुळे ने कहा, सुधाकर कोहळे को जिताएं, पदवीधरों के सवाल उठेंगे
चंद्रपुर में भाजपा के पदवीधर संवाद मेले में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भाजपा-महायुति के उम्मीदवार सुधाकर कोहले के लिए वोट मांगे।
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नागपुर विभाग पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के 2026 के चुनाव में भाजपा-महायुति के अधिकृत उम्मीदवार सुधाकर कोहळे को जिताने की अपील राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने की है। वे बुधवार को चंद्रपुर के महेश भवन में भारतीय जनता पार्टी चंद्रपुर महानगर की तरफ से रखे गए पदवीधर संवाद मेले में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने पदवीधरों के सवालों के साथ विरोधियों की भूमिका पर भी टिप्पणी की।
कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डॉ. प्रा अशोक वुईके, पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री हंसराज अहिर, विधायक किशोर जोरगेवार, चंद्रपुर जिला महानगर प्रभारी अर्चना डेहनकर, विधायक राजु तोडसाम और पूर्व विधायक अनिल सोले मौजूद थे। ओबीसी नेता अशोक जिवतोडे, पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष कासनगोट्टूवार, वरिष्ठ नेता अरुण तिखे, चंद्रपुर मध्यवर्ती बैंक के अध्यक्ष रवींद्र शिंदे, सचिव उल्हास करपे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष नितीन भटारकर भी आए थे। नगर निगम दल नेता चंद्रशेखर शेट्टी, मोहम्मद जिलानी, महामंत्री सविता दंढारे, नामदेव डाहुले, श्याम कनकम, महिला मोर्चा प्रभारी वंदना हातगावकर, घुग्घुस शहर अध्यक्ष संजय तिवारी, घुघुस नगर परिषद दल नेता मीना मोरपाका, सिनेट सदस्य नीलेश बेलखेडे और कई पार्षद व महिला पार्षद भी मौजूद रहे।
बावनकुळे ने कहा कि राज्य के पदवीधरों के कई अहम सवाल हैं। उन्हें सरकार के जरिए हल करने के लिए विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि होना जरूरी है जो सक्षम हो और सरकार के साथ तालमेल बिठा सके। उनके मुताबिक पदवीधर वोटरों को वोट डालते वक्त कोई गलती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि गलत उम्मीदवार को दिया गया एक वोट भी पदवीधरों के सवालों के हल पर असर डाल सकता है। उन्होंने कहा कि सदन में पदवीधरों के सवाल असरदार तरीके से उठाने वाले सुधाकर कोहळे को जिताने के लिए सब मिलकर कोशिश करें।
मौजूदा पदवीधर विधायक अभिजित वंजारी पर बोलते हुए बावनकुळे ने कहा कि उनके कार्यकाल में पदवीधरों के सवालों पर ठोस काम होता नहीं दिखा। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन से आगे बढ़कर सदन में पदवीधरों के सवाल असरदार तरीके से रखने में वंजारी नाकाम रहे। बावनकुळे ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले चुनाव में सत्ता का गलत इस्तेमाल करके जीत हासिल की गई थी। उनका कहना था कि अब हार की संभावना दिखने लगी है, इसलिए जातिवाद का मुद्दा आगे किया जा रहा है।
चंद्रपुर के विधायक किशोर जोरगेवार के काम का जिक्र करते हुए बावनकुळे ने उनकी लीडरशिप पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि जोरगेवार काबिल और कामयाब नेता हैं और अगर पदवीधर उनकी अपील का साथ दें, तो पदवीधर विधायक के जरिए सवाल सरकार के सामने रखकर उन्हें हल कराने की कोशिश वे सक्षमता से कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदवीधर वोटरों से कोहळे की जीत के लिए सक्रिय हिस्सा लेने की अपील की।
कांग्रेस की राजनीतिक भूमिका पर बावनकुळे ने कहा कि कांग्रेस की तरफ से ईवीएम और दूसरे मुद्दों पर भ्रम फैलाया जा रहा है। उनके मुताबिक जब चुनाव में जीत मिलती है, उसी वक्त ईवीएम पर पार्टी का रुख बदलता दिखता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया पर पार्टी की भूमिका अपनी सुविधा के हिसाब से होती है। एसआईआर के मुद्दे पर भी उन्होंने विरोधियों को निशाने पर लिया। उनका आरोप था कि पश्चिम बंगाल में ममता बैनर्जी की पार्टी को हार का सामना करना पड़े तो एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाते हैं, जबकि जहां कांग्रेस की सत्ता है वहां इसी प्रक्रिया पर अलग रुख लिया जाता है। उन्होंने इसे विरोधियों की दोहरी भूमिका बताया। इस मौके पर विधायक विजय वडेट्टीवार की भी उन्होंने तीखी आलोचना की।
बावनकुळे ने आखिर में कहा कि पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सिर्फ उम्मीदवार चुनने तक सीमित नहीं है, यह पदवीधरों के सवालों को सही मंच दिलाने का मौका है। इसलिए सवाल सरकार तक पहुंचाने के लिए भाजपा-महायुति के उम्मीदवार सुधाकर कोहळे को जिताया जाए।
कार्यक्रम में विधायक किशोर जोरगेवार ने एक कविता सुनाई, जिससे माहौल में जोश आ गया। कविता में उन्होंने कहा कि विरोधियों के कितने भी मेले और समारोह हो जाएं, सुधाकर कोहळे ही चुनकर आएंगे। उनके मुताबिक इसकी वजह यह है कि चुनाव प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुळे हैं और उनका साथ देने के लिए सह प्रमुख अनिल सोले हैं।
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