नागपुर पदवीधर चुनाव: मुनगंटीवार ने की सुधाकर कोहळे को भारी वोटों से जिताने की अपील
राज्य के पूर्व वित्त, नियोजन और वन मंत्री तथा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने भाजपा-महायुति के उम्मीदवार सुधाकर कोहळे के लिए पदवीधर मतदाताओं से समर्थन मांगा।
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चंद्रपुर: नागपुर विभाग पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी-महायुति के उम्मीदवार सुधाकर कोहळे को भारी बहुमत से जिताने की अपील की गई है। यह अपील राज्य के पूर्व वित्त, नियोजन और वन मंत्री तथा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने की। उनका कहना है कि इससे पदवीधरों की उम्मीदों और उनके उज्ज्वल भविष्य को नई ताकत मिलेगी।
मुनगंटीवार ने भरोसा दिलाया कि पदवीधरों की पढ़ाई, समाज और रोजगार से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने में सुधाकर कोहळे को उनका पूरा साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि पदवीधरों की जायज मांगों को सरकार के सामने असरदार ढंग से उठाने के लिए वे हमेशा मजबूती से कोहळे के साथ खड़े रहेंगे।
मुनगंटीवार ने कोहळे की तारीफ करते हुए कहा कि वे ऐसे नेता नहीं हैं जो सिर्फ चुनाव के वक्त जनता के सामने आते हों। विधानसभा सदस्य के तौर पर उन्हें संसदीय कामकाज का तजुर्बा है। मुनगंटीवार के मुताबिक जनता के सवालों की समझ, आम लोगों से लगातार संपर्क, कार्यकर्ताओं से आत्मीय रिश्ता और समस्याएं हल करने की तत्परता कोहळे की खासियत है। उन्होंने कहा कि विधानमंडल के कामकाज की जानकारी और आम आदमी की दिक्कतें समझने की संवेदनशीलता, दोनों का सुंदर मेल उनके नेतृत्व में दिखता है।
अपने शिक्षा के क्षेत्र के काम का खास जिक्र करते हुए मुनगंटीवार ने कहा कि विदर्भ की हर तरह की तरक्की का रास्ता शिक्षा से ही होकर जाता है और वे इस सोच के प्रति हमेशा प्रतिबद्ध रहे हैं। उन्होंने बताया कि नागपुर विश्वविद्यालय को राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज का नाम मिले, इसके लिए विधानमंडल में किया गया संघर्ष सिर्फ नामकरण का मामला नहीं था। उनके मुताबिक यह विदर्भ की सांस्कृतिक अस्मिता और राष्ट्रसंत के विचारों को सलाम करने की सच्ची कोशिश थी।
मुनगंटीवार ने कहा कि चंद्रपुर और गडचिरोली के विद्यार्थियों को ऊंची पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े और आदिवासी, ग्रामीण तथा आर्थिक रूप से कमजोर तबके के युवक-युवतियों के लिए उच्च शिक्षा के दरवाजे खुलें, इसी मकसद से उन्होंने अलग गोंडवाना विश्वविद्यालय के लिए लगातार कोशिश की। उनके अनुसार गोंडवाना विश्वविद्यालय की स्थापना पूर्व विदर्भ के शैक्षणिक सफर की बहुत अहम घटना रही।
उन्होंने चंद्रपुर जिले में देश की अत्याधुनिक सैनिक स्कूल, वन शिक्षा व प्रशिक्षण के लिए वन अकादमी, मूल में सरकारी कृषि कॉलेज और बल्लारपुर में एस.एन.डी.टी. महिला विश्वविद्यालय का उपकेंद्र गिनाया। उनका कहना है कि इन सबके पीछे विद्यार्थियों को अच्छी, पेशेवर और रोजगार से जुड़ी शिक्षा के मौके देने की सोच रही है। खासकर लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए एस.एन.डी.टी. उपकेंद्र को उन्होंने बेहद अहम बताया, ताकि ग्रामीण इलाकों की लड़कियों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत कम पड़े और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मौका मिले।
मुनगंटीवार ने यह भी कहा कि अगले कदम के तौर पर चंद्रपुर में गोंडवाना विश्वविद्यालय का उपकेंद्र बनाने की कोशिश चल रही है। उन्होंने बताया कि गोंडवाना विश्वविद्यालय में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के नाम से अध्यासन केंद्र भी उन्होंने शुरू किया है। चंद्रपुर-गडचिरोली के विद्यार्थियों को आधुनिक पाठ्यक्रम, रिसर्च, प्रतियोगी परीक्षा की गाइडेंस, हुनर आधारित पढ़ाई और रोजगार के नए मौके मिलें, इसके लिए वे आगे भी प्रतिबद्ध रहेंगे।
मुनगंटीवार के मुताबिक आज पदवीधरों के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं। ऊंची पढ़ाई के बाद भी रोजगार के पर्याप्त मौके नहीं मिलते। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं को तरह-तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। सरकारी भर्ती में देरी, खाली पदों का सवाल, हुनर सीखने के कम मौके, उच्च शिक्षा का बढ़ता खर्च और नई तकनीक के हिसाब से पढ़ाई की जरूरत, इन सब पर लगातार काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र की नुमाइंदगी सिर्फ विधानमंडल की एक कुर्सी नहीं है, बल्कि पढ़े-लिखे युवाओं की उम्मीदों और संघर्षों को न्याय देने की बड़ी जिम्मेदारी है। पदवीधर के हाथ की डिग्री सिर्फ कागज की योग्यता न रहकर रोजगार के दरवाजे खोले और आत्मसम्मान से जीने की ताकत दे, यह जरूरी है। इसके लिए मुनगंटीवार ने ऐसे अनुभवी नेतृत्व की जरूरत बताई जो सरकार से असरदार बातचीत कर सके।
मुनगंटीवार ने पदवीधर मतदाताओं को खास भरोसा देते हुए कहा कि पदवीधरों की समस्याएं हल करने की जिम्मेदारी वे सिर्फ चुने हुए प्रतिनिधि पर डालकर मुक्त नहीं होंगे। सरकार से तालमेल, संबंधित विभागों में पीछा करना, जरूरी नीतिगत फैसलों के लिए कोशिश और विदर्भ के युवाओं को इंसाफ दिलाना, हर पड़ाव पर वे सुधाकर कोहळे के साथ रहेंगे। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि चंद्रपुर, गडचिरोली समेत पूरे नागपुर विभाग के पदवीधरों की पढ़ाई, रोजगार और पेशे से जुड़ी दिक्कतों को आवाज देने के लिए सब मिलकर काम करेंगे, और ये समस्याएं उनके लिए सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और जनप्रतिनिधि के नाते उनकी जिम्मेदारी हैं।
मुनगंटीवार ने कहा कि नागपुर विभाग का पदवीधर मतदाता समझदार, पढ़ने-लिखने वाला और समाज को दिशा देने वाला तबका है। उसका एक वोट सिर्फ उम्मीदवार चुनने के लिए नहीं, बल्कि आने वाले वक्त में शिक्षा, रोजगार, नए विचारों और विदर्भ की तरक्की की दिशा तय करने के लिए अहम है। उन्होंने भरोसा जताया कि कोहळे के रूप में पदवीधरों को विधानसभा के कामकाज का अनुभव रखने वाला, जनता से जुड़ा और लोगों के सवालों पर काम करने को तैयार नेतृत्व मिला है, और उनके तजुर्बे को पदवीधरों का भरोसा मिल जाए तो इस निर्वाचन क्षेत्र के सवालों को ज्यादा असरदार ढंग से हल किया जा सकेगा।
आखिर में मुनगंटीवार ने भावुक अपील की कि एक वोट से एक उम्मीदवार की जीत तो होगी ही, लेकिन उससे भी अहम बात यह है कि हजारों पदवीधरों की उम्मीदों को नई ताकत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह अपने सपनों को समझने वाला, अपने सवालों पर आवाज उठाने वाला और अपनी तरक्की के लिए लगातार कोशिश करने वाला नेतृत्व चुनने का मौका है। उन्होंने सुधाकर कोहळे को भारी वोटों से जिताने की अपील करते हुए कहा कि पदवीधरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए वे हमेशा उनके साथ हैं।
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