टीचर्स को नौकरी से निकालने की धमकी की होगी जांच, बावनकुळे बोले: संस्था का नाम नहीं लिया
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शिक्षकों को धमकाने की शिकायतों की जांच होगी।
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नागपुर: राजस्व मंत्री और अमरावती जिले के प्रभारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि अमरावती विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में कांग्रेस को वोट न देने पर शिक्षकों को नौकरी से निकालने की धमकियां दी जाने की शिकायतें उनके पास आई हैं। उनके मुताबिक इन शिकायतों की सही वक्त पर जांच की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि शिक्षकों को डराकर वोट हासिल करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बावनकुळे ने आरोप लगाया कि शिक्षण संस्थाओं को सरकार से अनुदान मिलता है, फिर भी कुछ संस्थाओं के लोग शिक्षकों पर दबाव डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक किसी धमकी से न डरें और पारदर्शी तरीके से, अपनी मर्जी से वोट करें। उन्होंने साफ किया कि शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
शिवाजी शिक्षण संस्था को लेकर बावनकुळे ने कहा कि उन्होंने इस संस्था का नाम लिया ही नहीं था। उनके मुताबिक संस्था के लिए उनके मन में पूरा सम्मान है और वे खुद इसके विद्यार्थी रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्था का काम बड़ा करने में उनका भी योगदान रहा है। लेकिन अगर संस्था के पद या नाम का राजनीतिक स्वार्थ के लिए गलत इस्तेमाल हो रहा है, तो उन्हें इस पर आपत्ति है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि महर्षि डॉ. पंजाबराव देशमुख के नाम से जानी जाने वाली यह संस्था उनके आदर्शों पर चलेगी। बावनकुळे के अनुसार संस्था के कुछ लोग कांग्रेस को वोट दिलाने के लिए शिक्षकों को धमका रहे हैं, ऐसी शिकायतें आई हैं और उनकी जांच होगी। उन्होंने कहा कि नौकरी से निकालने की धमकी देना गलत है और इसे संस्था का आधिकारिक फैसला न समझा जाए। संस्था के नाम पर कोई गलत काम कर रहा हो, तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जब उन्होंने संस्था का नाम नहीं लिया, तो कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ और हर्षवर्धन देशमुख को इतना बुरा क्यों लगा।
बावनकुळे ने भरोसा जताया कि नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र समेत महाराष्ट्र की पांचों विधान परिषद सीटों पर महायुति जीतेगी। उन्होंने कहा कि महायुति बहुत मजबूत है। उनका कहना था कि ग्रेजुएट वोटर सुधाकर कोहळे के जरिए अपने सवाल सरकार तक पहुंचा सकेंगे और उम्मीद है कि वे हल होंगे। इसलिए नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में महायुति के उम्मीदवार सुधाकर कोहळे जीतेंगे।
पिछले चुनाव को लेकर बावनकुळे ने आरोप लगाया कि संदीप जोशी को हराने के लिए सत्ता का दुरुपयोग और जाति की राजनीति की गई। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद सत्ता का दुरुपयोग नहीं किया और इस बार यह सीट महायुति जीतेगी।
अमरावती में शिवसेना के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे बागी उम्मीदवार पर कार्रवाई की मांग के बारे में बावनकुळे ने बताया कि उन्होंने इसकी विनती की है। उन्होंने कहा, "मैंने खुद अमरावती में प्रचार किया है। इसलिए मेरी उम्मीद है कि पार्टी अपने बागी उम्मीदवार पर कार्रवाई करे।"
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बारे में कांग्रेस नेता सुनील केदार के कथित आपत्तिजनक बयान पर बावनकुळे ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि इस बारे में उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जानकारी दी है।
संजय राऊत पर टिप्पणी करते हुए बावनकुळे ने कहा कि राऊत अपनी ऊंचाई देखकर बोलें। उनके मुताबिक देवेंद्र फडणवीस देश के अहम मुख्यमंत्रियों में से एक हैं और उन्हें किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। बावनकुळे ने कहा कि राज्य की जनता ने उन्हें स्वीकार किया है, बोलने की आजादी का मतलब किसी के बारे में बुरा बोलना नहीं है, और जनता उन्हें सही सबक सिखाएगी।
राज्य में सूखे जैसे हालात पर बावनकुळे ने बताया कि उनकी अध्यक्षता में बनी कैबिनेट उपसमिति ने सूखा राहत के लिए जरूरी सुझाव दिए हैं। सूखे के उपायों पर ज्यादा असरदार ढंग से खर्च करने के लिए किफायत बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विकास के लिए किसी सड़क का काम कुछ वक्त टालना पड़े तो चलेगा, पर किसानों की आत्महत्याएं बर्दाश्त नहीं होंगी। किसानों की मदद सरकार की प्राथमिकता है, और चारे व पानी की कमी से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार जल संरक्षण, पानी का भंडार बढ़ाने और पुराने कुओं के पुनर्विकास पर जोर दे रही है।
क्या सूखे के चलते सरकारी योजनाओं में कटौती होगी, इस सवाल पर बावनकुळे ने कहा कि कोई योजना बंद नहीं की जाएगी। उनके मुताबिक योजनाओं को लागू करने में जरूरी सुधार करके गैरजरूरी खर्च टाला जा सकता है, और उससे बचने वाला पैसा सूखा राहत में लगाना सरकार का मकसद है।
राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोप पर बावनकुळे ने कहा कि इस देश में वोट चोरी नहीं हो सकती और देश में चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होती है। उन्होंने कहा कि जनता ने चोरों को वोट देना बंद कर दिया है, इसे राहुल गांधी को जांच कर देखना चाहिए।