नागपुर स्नातक सीट: कोहले की जीत के लिए भाजपा ने बावनकुले और मुनगंटीवार को सौंपी कमान
भाजपा ने नागपुर संभाग स्नातक सीट के लिए चुनाव प्रभारी, समन्वयक और प्रमुख नियुक्त किए हैं। उधर नामांकन भरने वालों की संख्या 65 हो गई है।
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नागपुर संभाग स्नातक चुनाव क्षेत्र की विधान परिषद सीट भाजपा के हाथ से निकल गई थी। अब उसे वापस पाने के लिए पार्टी ने पूरी तैयारी शुरू कर दी है। सुधाकर कोहले को भाजपा-महायुति का अधिकृत उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद प्रदेशाध्यक्ष रवीन्द्र चव्हाण ने कई अहम संगठनात्मक नियुक्तियों का ऐलान किया है।
इन नियुक्तियों में राजस्व मंत्री बावनकुले को इस सीट का चुनाव प्रभारी बनाया गया है। पूर्व वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार को महायुति का समन्वयक नियुक्त किया गया है। कोहले को जीत दिलाने के लिए चुनाव की योजना इन्हीं दो मुख्य नेताओं के जिम्मे रहेगी। इनके साथ राज्य मंत्री पंकज भोयर और परिणय फुके को चुनाव सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
विधायक प्रवीण दटके को नागपुर स्नातक चुनाव का प्रमुख बनाया गया है। सुधीर दिवे चुनाव सह-प्रमुख होंगे और नागपुर ग्रामीण, वर्धा, चंद्रपुर शहर व ग्रामीण, गड़चिरोली, भंडारा और गोंदिया में चुनावी तालमेल देखेंगे। नागपुर शहर के लिए गिरीश देशमुख को चुनाव सह-प्रमुख बनाया गया है। डॉ. उपेन्द्र कोठेकर को विदर्भ विभाग का संगठन संपर्क प्रमुख नियुक्त किया गया है।
बताया गया है कि इन नेताओं को चुनाव प्रबंधन को बड़ा और असरदार संगठनात्मक रूप देने के लिए जिम्मेदारी दी गई है। उम्मीदवार कोहले की जीत के लिए मतदाताओं से बड़े पैमाने पर संपर्क, स्नातक मतदाताओं का संगठन और बूथ स्तर तक चुनावी योजना पर जोर दिया जाएगा।
भाजपा-महायुति की योजना है कि सभी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और अलग-अलग मोर्चे मिलकर स्नातक मतदाताओं तक पहुंचें और जीत के लिए संगठित कोशिश करें। इस मौके पर नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में संगठन की ताकत के बल पर चुनाव लड़ने और भाजपा-महायुति को जीत दिलाने का संकल्प भी जताया गया।
इस बीच नागपुर संभाग स्नातक सीट के लिए नामांकन भरने वालों की संख्या 65 तक पहुंच गई है। पर्चा दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर थी। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कुल 35 नामांकन दाखिल हुए हैं, जबकि अब तक जमा किए गए नामांकन कुल 65 हैं। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर है। उसके बाद ही साफ होगा कि कितने उम्मीदवार मैदान में रहेंगे।
बसपा ने यह चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। फिर भी पूर्व आईआरएस अधिकारी संजय थुल ने बसपा कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर बसपा के प्रदेश महासचिव, प्रदेश सचिव, जिलाध्यक्ष, शहर अध्यक्ष और बामसेफ के प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
वंचित बहुजन आघाड़ी के शहर अध्यक्ष मंगेश वानखेडे ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने स्नातक मतदाता के रूप में मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की जरूरी प्रक्रिया भी पूरी की। उन्होंने कहा कि वे स्नातक मतदाताओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और शिक्षित युवाओं, रोजगार, शिक्षा, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों को उचित मंच देने के मकसद से चुनाव लड़ रहे हैं।
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