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21:14 IST

अनिल सोले ने वापस ली बगावत, गिरीश व्यास का इस्तीफा भी वापस; नागपुर में भाजपा बनाम कांग्रेस की सीधी टक्कर

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा का अंदरूनी झगड़ा खत्म हो गया है। बागी उम्मीदवार अनिल सोले ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है।

अनिल सोले ने वापस ली बगावत, गिरीश व्यास का इस्तीफा भी वापस; नागपुर में भाजपा बनाम कांग्रेस की सीधी टक्कर तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर, 13 अक्टूबर: स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर भाजपा में चल रही अंदरूनी खींचतान आखिरकार खत्म हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अनिल सोले ने बगावत का रास्ता अपनाकर निर्दलीय उम्मीदवारी दाखिल की थी। अब उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का फैसला जाहिर कर दिया है।

दूसरी तरफ पार्टी के कामकाज के तरीके पर खुलकर नाराजगी जताते हुए भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने वाले पूर्व विधायक गिरीश व्यास भी मान गए हैं। व्यास ने अनिल सोले की बगावत का समर्थन किया था। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को उनकी नाराजगी दूर करने में कामयाबी मिली है और इस्तीफा वापस हो गया है।

इसके साथ ही नागपुर भाजपा का अंदरूनी विवाद ठंडा पड़ गया है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मध्यस्थता रंग लाई है। अब नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा के सुधाकर कोहळे और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के बीच सीधा मुकाबला होगा।

बता दें कि इस बार भाजपा ने पूर्व विधायक सुधाकर कोहळे को मौका देते हुए मैदान में उतारा था। लेकिन इसी सीट से चुनाव लड़ने के लिए अनिल सोले भी इच्छुक थे। इसी बीच सोले ने निर्दलीय उम्मीदवारी का फॉर्म भरकर पार्टी के खिलाफ बगावत का झंडा उठा लिया। उनके पीछे गिरीश व्यास ने भी सोले के रुख का खुला समर्थन किया। नतीजा यह हुआ कि नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सामने अपने ही घर से बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। पार्टी के बड़े नेताओं की कोशिशें अब कामयाब हुई हैं और नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा बनाम कांग्रेस का सीधा मुकाबला होगा।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव जीतने के लिए जरूरी योजना और रणनीति तय करने की खातिर कल, 12 अक्टूबर को नागपुर में भाजपा की एक अहम बैठक हुई। इसमें खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मौजूद थे। उनके अलावा राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, भाजपा के सभी विधायक और प्रमुख पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में पार्टी के भीतर की बगावत को शांत करने पर भी मंथन हुआ।

इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बागी उम्मीदवार अनिल सोले के घर पहुंचे और उन्हें समझाया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी अनिल सोले से बातचीत करके उन्हें मनाने की कोशिश की। कुछ दिन पहले प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण भी अनिल सोले के घर गए थे, मगर उस वक्त सोले बाहर थे, इसलिए उनकी चव्हाण से मुलाकात नहीं हो पाई थी। आखिर में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की गुजारिश का मान रखते हुए बागी उम्मीदवार अनिल सोले ने अपना कदम पीछे खींच लिया और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार सुधाकर कोहळे को समर्थन दे दिया है।

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