ढाई साल से फरार हत्यारें, इंसाफ के लिए भटक रहे बूढ़े मां-बाप!
रंजीत राठौड़ हत्याकांड में हुड़केश्वर पुलिस की ढिलाई, फरार आरोपियों को पकड़ने में पुलिस विफल, परिजनों को मिल रही हत्या की धमकी
नागपुर.
इकलौते बेटे की हत्या ने परिवार को उजाड़ दिया. चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया. बूढ़े मां-बाप की आंखें आज भी इंसाफ की राह देख रही हैं लेकिन, ढाई साल बीतने के बावजूद बेटे की हत्या के दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. उन्हें पकड़ने के लिए मृतक के माता-पिता हुड़केश्वर थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी फरियाद पर ठोस कार्रवाई कब होगी, यह सवाल अब भी अनुत्तरित है.
यह दर्दनाक मामला आर्टिफिशियल ज्वेलरी विक्रेता रंजीत राठौड़ की हत्या से जुड़ा है. पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है. मामला अदालत में सुनवाई के दौर से गुजर रहा है, लेकिन फरार आरोपियों का अब तक पकड़ा नहीं जाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।. रंजीत के हताश माता-पिता ने 'प्राइम टाइम 24' के माध्यम से अपनी व्यथा सुनाते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की गुहार लगाई है.
मामूली विवाद में ले ली जान
मानेवाड़ा मार्ग स्थित ज्ञानेश्वर नगर निवासी 33 वर्षीय रंजीत बाबूलाल राठौड़ की 6 अप्रैल 2024 को हत्या कर दी गई थी. रंजीत अपने दोस्त के साथ पान ठेले पर गया था. वहां जीतू जाधव, आकाश राउत, सविता सायरे, जयश्री पांजारे और प्रवीण सायरे मौजूद थे. आरोप है कि रंजीत के अपनी ओर देखने की बात पर विवाद शुरू हुआ. गाली-गलौज के बाद रंजीत ने सफाई देकर मामला शांत करने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने धारदार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी. इस मामले में पुलिस ने आकाश राउत, सविता सायरे और जयश्री पांजारे को गिरफ्तार किया था. सविता और जयश्री को बाद में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई, जबकि आकाश राउत जेल में बंद हैं. दूसरी ओर जीतू जाधव और प्रवीण सायरे अबतक फरार है. प्रकरण की अदालत में सुनवाई चल रही है. सुनवाई के लिए अदालत जाने से भी रंजीत के परिजनों को भय लगने लगा है. क्यूंकि सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से आए एक अपराधी ने रंजीत की बहन को कथित तौर पर घर में घुसकर हत्या करने की धमकी दी है. परिजनों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए जब वह हुड़केश्वर थाने पहुंची, तो उसे कथित तौर पर यह कहकर लौटा दिया गया कि शिकायत दर्ज होने पर नए सिरे से मामला शुरू होगा. यदि पीड़ित परिवार को धमकी मिलने के बाद भी शिकायत दर्ज कराने में परेशानी हुई है, तो यह बेहद गंभीर मामला है. परिजनों की मांग है कि धमकी की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
एमडी तस्करी से कनेक्शन का संदेह
सूत्रों के अनुसार, फरार आरोपी सीताबर्डी के एमडी तस्कर शरीफ गैंग से जुड़े है. परिजनों को संदेह है कि आरोपी कथित तौर पर एमडी तस्करी में लिप्त हैं.इसी वजह से उनकी गिरफ्तारी में ढिलाई बरती जा रही है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को इस कथित कनेक्शन की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. रंजीत की हत्या के बाद मानेवाड़ा परिसर में तनाव फैल गया था। नागरिकों ने कैंडल मार्च निकालकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके बावजूद फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है. रंजीत की मां जीवीबाई राठौड़ और पिता बाबूलाल राठौड़ की मांग है कि उनके बेटे की हत्या में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाए.
चार बच्चों के भविष्य पर संकट
रंजीत अपने परिवार का इकलौता बेटा था. उसकी हत्या के बाद पत्नी लक्ष्मी पर दो बेटों और दो बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी आ गई. एक तरफ बच्चों के भविष्य की चिंता है, तो दूसरी तरफ बूढ़े माता-पिता अपने बेटे को खोने का दर्द लेकर इंसाफ की आस में बैठे हैं. सवाल यह है कि आखिर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब होगी? क्या हुडकेश्वर पुलिस इस परिवार की गुहार सुनकर ठोस कार्रवाई करेगी, या रंजीत के माता-पिता को इंसाफ के लिए इसी तरह थाने के चक्कर काटने पड़ेंगे?
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