नागपुर पदवीधर सीट: चार दिन में 80 हजार वोटर कैसे जुड़े, वडेट्टीवार ने उठाया सवाल
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर विभाग पदवीधर मतदारसंघ की वोटर रजिस्ट्रेशन पर शक जताया और जांच की मांग की।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की वोटर रजिस्ट्रेशन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि आखिरी चार दिनों में 80 हजार वोटरों का रजिस्ट्रेशन कैसे हो गया, इस पर उन्हें शक है। इसी वजह से कांग्रेस ने इस रजिस्ट्रेशन की जांच कराने की मांग की है।
वडेट्टीवार ने आगे कहा कि चार दिन में 96 हजार नए आवेदन जोड़े गए। उन्होंने पूछा कि ये आवेदन कहां से आए और इतने कम समय में यह कैसे मुमकिन है, इतने फॉर्म आखिर कहां से आए। उनके मुताबिक कांग्रेस इसकी जांच की मांग करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मुमकिन नहीं है और वोट चोरी का मामला चल रहा है। उन्होंने इसे बेईमानी भी कहा।
अमरावती की बगावत के बारे में वडेट्टीवार ने कहा कि विदड्रॉल तक अभी वक्त है। उनके शब्दों में, कांग्रेस बात करेगी, संपर्क करेगी और देखेगी कि क्या रास्ता निकलता है।
आदिवासी विद्यार्थियों के आंदोलन पर बोलते हुए वडेट्टीवार ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार की यह मस्ती चल रही है। उनके मुताबिक आंदोलन शांति से चल रहा था, विद्यार्थियों ने आज़ाद मैदान पर इजाजत मांगी, लेकिन इजाजत नहीं दी गई। इसके बाद उन्हें पकड़कर जबरदस्ती गाड़ी में बिठा दिया गया। वडेट्टीवार ने सवाल किया कि सरकार इतना क्यों डर रही है।
उन्होंने बताया कि ये विद्यार्थी करीब तीन सौ किलोमीटर का सफर करके वहां पहुंचे हैं और पैदल अपनी मांगें लेकर निकले हैं। वडेट्टीवार ने कहा कि सरकार अपने प्रतिनिधि भेजे और बातचीत करे, लेकिन यह डरपोक सरकार है, घबराई हुई सरकार है। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ताधारियों को ऐसी क्या मस्ती है कि जिसे चाहें उठाकर गाड़ी में डाल दें। पुलिस बल का इस्तेमाल करना गलत है। वडेट्टीवार के मुताबिक विद्यार्थी अपने अधिकार मांगने सड़क पर उतर रहे हैं और सरकार उन्हें दबाने की बेचारी सी कोशिश कर रही है, ऐसा वे मानते हैं।
चावल घोटाले पर वडेट्टीवार ने कहा कि जितने भी मिलिंग वाले हैं और जो मार्केटिंग फेडरेशन है, उनके जरिए धान की कुटाई करके, जांच के बाद, एफसीआई के गोडाउन में भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से धान बाजार में बेच दिया जाता है और घटिया चावल लाया जाता है। उनके मुताबिक हमारे यहां अच्छी क्वालिटी का धान होता है, जिसमें चंद्रपुर, गडचिरोली, भंडारा और गोंदिया जैसे सभी जिले आते हैं।
वडेट्टीवार ने बताया कि फिलहाल गडचिरोली में जांच की मांग थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन सबकी जांच होगी और जिस किसी ने भी घटिया क्वालिटी का चावल सप्लाई किया हो, उस पर सरकार कार्रवाई करे। यह मांग भी उन्होंने की है।
उन्होंने सवाल किया कि सरकार की तरफ से क्या उपाय होंगे। उन्होंने कहा कि सब मिलीभगत है और मंत्रालय में मिलिंग के लिए भी रेट तय हैं। वडेट्टीवार के मुताबिक जांच शुरू हो चुकी है और उनकी इस पर नजर है। उन्होंने कहा कि वे इस पर बारीकी से ध्यान देंगे, यह मामला किसी भी तरह दबाया नहीं जा सकेगा और उनकी नजर इस पर रहेगी।
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