कांग्रेस के अतुल लोंढे का आरोप: सूखे में किसानों को 5 हजार, भाजपा के गरबा पर 100 करोड़
कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने भाजपा नेताओं के गरबा आयोजनों पर कथित 100 करोड़ रुपये के खर्च का हिसाब सरकार से जनता के सामने रखने की मांग की।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
राज्य में सूखे की वजह से किसान पैसों की तंगी से जूझ रहे हैं, और इसी बीच मदद के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे ने आरोप लगाया है कि किसानों को सिर्फ पांच हजार रुपये की मदद दी जा रही है। उन्होंने भाजपा के गरबा आयोजनों पर होने वाले कथित 100 करोड़ रुपये के खर्च पर सवाल उठाए हैं। लोंढे ने मांग की कि सरकार इस खर्च का हिसाब जनता के सामने रखे।
लोंढे के मुताबिक राज्य के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात बने हैं और किसान बड़ी आर्थिक मुश्किल में हैं। खेती का नुकसान, बढ़ती लागत और घटती आमदनी ने उनके सामने जीने का सवाल खड़ा कर दिया है। लोंढे का आरोप है कि ऐसे में सरकार किसानों को महज पांच हजार रुपये की मदद दे रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पूरा फंड न होने की बात कही जाती है, जबकि दूसरे कार्यक्रमों पर खर्च हो रहा है, और इस पर उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।
लोंढे ने दावा किया कि भाजपा नेताओं के गरबा कार्यक्रमों पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि यह खर्च का ब्योरा ठेकेदारों से मिले आंकड़ों के हवाले से है। उन्होंने बताया कि 24 हजार वर्ग फुट से बड़े शामियाने पर 60 लाख रुपये लगते हैं। दो हजार टन क्षमता के एयर कंडीशनिंग सिस्टम पर रोज सात लाख रुपये खर्च होते हैं। साउंड सिस्टम, रोशनी और गायकों पर रोज 50 लाख रुपये लगते हैं। लोंढे ने यह भी आरोप लगाया कि खाने के इंतजाम और बाकी सजावट पर भी रोज लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं।
लोंढे ने साफ किया कि कांग्रेस को गरबा या देवी की भक्ति से कोई एतराज नहीं है। उनकी आलोचना यह थी कि सूखे में किसान मुश्किल में हैं और ऐसे वक्त में करोड़ों रुपये की फिजूलखर्ची ठीक नहीं। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने त्योहार सादगी से मनाने की अपील की थी। लोंढे का आरोप है कि उन्हीं की पार्टी के नेता और मंत्री इस अपील की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण, सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार और विधायक अतुल भातखलकर के आयोजनों पर भी सवाल उठाए।
लोंढे ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या इस कथित खर्च की जिम्मेदारी तय करके संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस मामले में संबंधित नेताओं के इस्तीफे लेने की मांग भी की। लोंढे ने कहा कि गरबा आयोजनों पर होने वाले खर्च को लेकर सरकार जनता के सामने अपना रुख साफ करे।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।