नागपुर पदवीधर चुनाव में दो बार नाम वाले वोटरों से सादे कागज पर लिखवाया जा रहा घोषणापत्र
नागपुर पदवीधर चुनाव के मतदान के दिन दोहरे नाम वाले वोटरों से सादे कागज पर घोषणापत्र लिखवाया जा रहा है। कांग्रेस ने एक दिन पहले ही 8744 दोहरे नामों पर कार्रवाई की मांग की थी।
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नागपुर विभाग पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव जैसे ही रंग में आया, एक बड़ी बात सामने आई है। मतदान के दिन उन वोटरों से, जिनका नाम वोटर लिस्ट में एक से ज्यादा बार है, सादे कागज पर चार-पांच लाइन का घोषणापत्र लिखवाया जा रहा है। उसमें लिखना है कि मैं जहां मौजूद हूं वहीं वोट कर रहा हूं और दूसरी जगह वोट नहीं करूंगा।
कांग्रेस पार्टी ने कल ही विभागीय आयुक्त को पत्र देकर मांग की थी कि वोटर लिस्ट में 8744 नाम दो बार होने पर जरूरी कार्रवाई की जाए। वहां मौजूद कुछ वोटरों का कहना है कि उसके बाद ही आज चुनाव तंत्र दो बार नाम वालों से यह घोषणापत्र लिखवा रहा होगा कि वे सिर्फ एक ही जगह वोट करेंगे।
कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने आरोप लगाया है कि वोटर लिस्ट में उनके साथ 8500 दोहरे नाम हैं। उन्होंने इसे चिंता की बात बताया है। दूसरी तरफ, शुक्रवार को नागपुर पदवीधर चुनाव का मतदान चल रहा है और इसी बीच यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि एक ही नंबर से 22 हजार वोटरों का पंजीकरण किया गया है।
कांग्रेस के राज्य के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस बारे में चुनाव आयोग को बार-बार बताया गया, फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या चुनाव आयोग भाजपा के लिए काम कर रहा है?
प्रफुल्ल गुडधे के नाम से विभागीय आयुक्त को दिए गए पत्र में कहा गया है कि नागपुर विभाग पदवीधर चुनाव के लिए जारी अंतिम वोटर लिस्ट में कुल 8,744 वोटरों के नाम दो बार पाए गए हैं। ये नाम एक ही मतदान केंद्र की लिस्ट में या एक से ज्यादा केंद्रों की लिस्ट में दर्ज दिख रहे हैं। पत्र के मुताबिक चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिहाज से यह बात गंभीर और चिंताजनक है।
पत्र में मांग की गई है कि साथ लगी लिस्ट की दोहरी एंट्रियों की जांच कर नियम के हिसाब से जरूरी कार्रवाई की जाए। संबंधित वोटरों का नाम एक ही सही जगह पर रखकर बाकी अतिरिक्त दोहरी एंट्री हटाई जाएं। साथ ही इस बारे में किए जा रहे उपायों और कार्रवाई की जानकारी भी दी जाए।
पत्र में यह भी कहा गया है कि मोबाइल नंबर 5432154321 का इस्तेमाल करके करीब 20 से 22 हजार वोटरों का पंजीकरण किया गया दिख रहा है। इससे इस पंजीकरण प्रक्रिया की सच्चाई और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मांग है कि इस नंबर के आधार पर इतने बड़े पैमाने पर पंजीकरण किस तरीके से हुआ, इसके लिए कौन से कागजात और जांच प्रक्रिया अपनाई गई और पंजीकरण नियम के मुताबिक हुआ या नहीं, इसकी गहरी जांच कर हकीकत बताने वाला खुलासा किया जाए।
पत्र के अंत में गुजारिश की गई है कि 8,744 दोहरी वोटर एंट्रियों की तुरंत जांच कर नियम के हिसाब से जरूरी सुधार और कार्रवाई की जाए, और उस मोबाइल नंबर से हुए वोटर पंजीकरण की जांच कर पूरी रिपोर्ट और की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए।
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