मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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16:40 IST

नागपुर स्नातक सीट पर भाजपा के उम्मीदवार की चर्चा में सुधाकर कोहले का नाम सबसे ऊपर

विधान परिषद की नागपुर संभाग स्नातक सीट पर भाजपा ने अभी उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, पर पूर्व विधायक सुधाकर कोहले का नाम आगे चल रहा है।

नागपुर स्नातक सीट पर भाजपा के उम्मीदवार की चर्चा में सुधाकर कोहले का नाम सबसे ऊपर
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

विधान परिषद की नागपुर संभाग स्नातक चुनाव क्षेत्र सीट पर भाजपा ने अब तक अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। फिलहाल पार्टी में मतदाता पंजीयन प्रभारी और पूर्व विधायक सुधाकर कोहले का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। इस बार भी कोई खेला नहीं हुआ तो उनकी उम्मीदवारी पक्की समझी जा रही है।

भाजपा हर चुनाव में नए प्रयोग के लिए जानी जाती है और कई चुनावों में इसका फायदा भी उसे मिला है। लेकिन इसी सीट पर किया गया प्रयोग उसे भारी पड़ गया। जनसंघ और भाजपा 62 वर्षों से यह सीट लगातार जीतते आ रहे थे, पर 2020 के चुनाव में कांग्रेस ने इसे छीन लिया।

उस चुनाव में भाजपा ने बदलाव का प्रयोग करते हुए सिटिंग विधान परिषद सदस्य अनिल सोले की जगह संदीप जोशी को टिकट दिया था। कांग्रेस ने अभिजीत वंजारी को उतारा और वंजारी जीत गए। इस तरह भाजपा का गढ़ कांग्रेस के खाते में चला गया।

जानकारों का कहना है कि स्नातक चुनाव का मतदाता पढ़ा-लिखा और सुलझा हुआ होता है। उसे किसी खास जाति का उम्मीदवार नहीं, बल्कि योग्य उम्मीदवार चाहिए होता है।

समझा जा रहा है कि इस बार भाजपा कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगी, क्योंकि उसे अपनी खोई हुई सीट वापस लेनी है। पार्टी ने कोहले को इस सीट के लिए मतदाता पंजीयन प्रभारी बनाया है। वे 2014 के विधानसभा चुनाव में दक्षिण नागपुर सीट से जीते थे। 2019 में भाजपा ने मोहन मते को टिकट देने के लिए अपने सिटिंग विधायक कोहले का ही टिकट काट दिया।

इसके बाद कोहले को नागपुर ग्रामीण का जिलाध्यक्ष बनाकर भेज दिया गया। 2024 के चुनाव में उन्होंने दक्षिण नागपुर की अपनी पुरानी सीट पर फिर दावा किया, मगर मते को ही दोबारा उतारा गया। भीतरखाने की मानें तो उस वक्त नाराज कोहले से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद वादा किया था कि उन्हें स्नातक चुनाव क्षेत्र सीट के जरिए विधान परिषद में लाया जाएगा। उसके बाद उन्हें मतदाता पंजीयन प्रभारी बनाया गया। तभी से इस सीट पर उनकी उम्मीदवारी तय मानी जा रही है।

दावा है कि कोहले ने संभाग में करीब पौने दो लाख मतदाताओं का पंजीयन करवाया है। हालांकि पार्टी के कुछ लोग उनकी मेहनत के बाद अब उम्मीदवारी का दावा ठोक रहे हैं। अनिल सोले भी दावा कर रहे हैं, जबकि संदीप जोशी समेत कुछ और नाम भी चर्चा में हैं।

नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। कांग्रेस और भाजपा, दोनों के दावेदारों की ओर से अभी से शक्ति प्रदर्शन की जोरदार तैयारी की जा रही है। कांग्रेस की ओर से प्रदेश प्रभारी डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद, प्रदेशाध्यक्ष और बड़े नेताओं के आने की संभावना है। कोहले के समर्थकों को विश्वास है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के साथ अन्य मंत्री, सांसद, विधायक और प्रमुख पदाधिकारी नामांकन रैली में शामिल होंगे।

इस बार करीब ढाई लाख मतदाता होने की संभावना है। अभी तक 2.33 लाख मतदाताओं के पंजीयन का आंकड़ा सामने आया है। आखिरी तीन दिनों में बड़ी संख्या में आवेदन जमा हुए हैं, जिनकी गणना की जा रही है।

पिछली बार ओबीसी मुद्दा प्रमुख रहा था और चुनाव पर उसका असर भी दिखा था। इस बार भाजपा सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। ऐसे में माना जा रहा है कि 'ओबीसी फैक्टर' पहले जितना प्रभावी रहने की संभावना कम है।

पिछले दो महीनों से देश में 'जेन-जी' को लेकर माहौल बना हुआ है और युवाओं के आंदोलनों में नागपुर भी सक्रिय रहा है। 'जेन-जी' के रुख के बाद राज्य में यह पहला चुनाव है, इसलिए राजनीतिक हलकों की नजर इस पर है कि युवा मतदाता किस ओर जाते हैं। युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। विद्यार्थी आंदोलन को देखते हुए भाजपा ने भी युवा मोर्चा, विद्यार्थी आघाड़ी और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया है।

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