यवतमाल में ED की नौ ठिकानों पर छापेमारी, 242 करोड़ के सहकारी बैंक घोटाले का मामला
प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को यवतमाल जिले में बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक से जुड़े कथित घोटाले में तलाशी ली।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को यवतमाल जिले में करीब नौ जगहों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई अब बंद हो चुके बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक में कथित बड़ी वित्तीय गड़बड़ियों की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में हुई है।
तलाशी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत ली गई। इसकी बुनियाद यवतमाल की अवधूतवाड़ी पुलिस के दर्ज किए कई FIR हैं, जो बैंक के अधिकारियों, कर्मचारियों और कई कर्जदारों के खिलाफ दर्ज हुए थे।
ED के अधिकारी कर्ज की रकम के कथित डायवर्जन और इन संदिग्ध गड़बड़ियों से जुड़े लेनदेन की जांच कर रहे हैं। मामले से कथित तौर पर जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई।
बैंक का लाइसेंस 2022 में रद्द हुआ था
इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि यह है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2022 में बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया था। उस वक्त जमाकर्ताओं के पैसे में कथित धोखाधड़ी और गबन की शिकायतें आई थीं।
इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने बैंक के वित्तीय कामकाज का स्पेशल ऑडिट कराने का आदेश दिया। अधिकारियों के मुताबिक ऑडिट में कर्ज मंजूर करने और बांटने में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं।
जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि बैंक के चेयरपर्सन, CEO, डायरेक्टर और दूसरे अधिकारी कर्जदारों, वैल्यूअर और ऑडिटरों के साथ कथित मिलीभगत करके कर्ज मंजूर करने में शामिल थे।
बिना पर्याप्त गारंटी के कर्ज देने का आरोप
जांच करने वालों को शक है कि कर्ज बिना ठीक से कोलैटरल लिए और लाभार्थियों की चुकाने की क्षमता परखे बगैर मंजूर किए और बांटे गए।
अधिकारियों ने बताया कि यह रकम कथित तौर पर बैंक के बाइलॉज, अंदरूनी कर्ज नीति और RBI के दिशानिर्देशों के उलट कामों में लगाई गई।
ED अब पैसे के रास्ते की पड़ताल कर रही है, ताकि पता चले कि कथित तौर पर डायवर्ट की गई रकम कैसे ट्रांसफर हुई और कहां इस्तेमाल हुई। साथ ही उन सभी लोगों की पहचान की जाएगी जिन्हें इन लेनदेन से फायदा हुआ हो सकता है।
242 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी जांच के घेरे में
जिन आरोपों की जांच हो रही है, उनके मुताबिक बैंक के चेयरपर्सन, अधिकारियों और कर्ज लेने वालों की कथित मिलीभगत से करीब 242 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। यवतमाल पुलिस के दर्ज FIR के आधार पर PMLA की जांच शुरू हुई, और ED अब संदिग्ध बैंकिंग गड़बड़ियों से कथित तौर पर बनी रकम का पता लगा रही है।
तलाशी का मकसद कर्ज की मंजूरी, बंटवारे, कोलैटरल, वित्तीय लेनदेन और कथित रकम की आवाजाही से जुड़े दस्तावेजी और डिजिटल सबूत जुटाना है।
गुरुवार की तलाशी में कितना कैश, दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस या दूसरा सामान जब्त हुआ, इसकी जानकारी फौरन उपलब्ध नहीं थी। जांच जारी है।
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