नागपुर स्नातक चुनाव में वोटिंग पर सवाल, पहले से दर्ज मतदान पर दो बैलेट पेपर रद्द
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नागपुर में स्नातक निर्वाचन के मतदान के दौरान मतदाता सूची और बैलेट पेपर से जुड़ी कई गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आईं। एक मतदाता का नाम सूची में पहले से वोट डाल चुके के तौर पर दर्ज मिला। आपत्ति उठने के बाद दो बैलेट पेपर रद्द किए गए और नए बैलेट देकर वोट डलवाया गया।
डॉ. प्रशांत गायकवाड के मुताबिक वे सर्वेश्वरनगर के अमित उच्च प्राथमिक विद्यालय में बने मतदान केंद्र क्रमांक 130 के कक्ष क्रमांक 2 में वोट डालने गए थे। वहां उनके नाम के सामने पहले से मतदान की एंट्री और हस्ताक्षर दर्ज थे।
गायकवाड का कहना है कि बैलेट पेपर के क्रमांक, मतदाता के हस्ताक्षर और भाग क्रमांक में फर्क दिख रहा था। उन्होंने यह बात चुनाव अधिकारियों को बताई।
गायकवाड के दावे के अनुसार दो और मतदाताओं की एंट्री में भी हस्ताक्षर, भाग क्रमांक और बैलेट पेपर के क्रमांक में अंतर मिला। शिकायत के बाद चुनाव अधिकारियों ने मामले की जांच की। उन्होंने दो बैलेट पेपर रद्द कर दिए और नए बैलेट जारी किए, जिनसे संबंधित मतदाताओं ने वोट डाला।
मतदाता सूची में एक से ज्यादा जगह नाम होने की शिकायतें भी आईं। बताया गया कि ऐसे मतदाताओं से सादे कागज पर चार से पांच लाइन का घोषणा पत्र लिखवाया जा रहा था।
लक्ष्मी वंजारी का नाम भाग क्रमांक 190 और 150 में दर्ज होने की बात कही गई। इसी तरह सौरभ थुलकर, राकेश ताकसांडे, अमीषा शेवारे, अंजली पाटिल और नरेंद्र रंगारी के नाम भी दो-दो जगह होने की शिकायत सामने आई।
कुछ युवक-युवतियों ने शिकायत की कि सूची में नाम न होने की वजह से वे वोट नहीं डाल पाए। प्रतापनगर के कई युवाओं ने नाम न मिलने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि मतदान के दिन नाम नहीं मिला, इसलिए वे अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सके।
इन शिकायतों के बाद मतदाता सूची की सही होने और मतदान प्रक्रिया में दर्ज एंट्री को लेकर सवाल उठे हैं। फिलहाल इन गड़बड़ियों की वजह और जिम्मेदारी के बारे में कोई आधिकारिक नतीजा सामने नहीं आया है।
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