नागपुर स्नातक चुनाव: अभिजीत वंजारी के लिए कांग्रेस का आज दत्तात्रयनगर में कार्यकर्ता सम्मेलन
नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर कांग्रेस ने पूर्वी विदर्भ में प्रचार तेज किया है।
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नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने पूर्वी विदर्भ में पूरी ताकत लगा दी है। पार्टी कांग्रेस और महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के आधिकारिक उम्मीदवार अभिजीत वंजारी की जीत पक्की करने में जुटी है।
इसी सिलसिले में गुरुवार, 15 अक्टूबर को सुबह 11 बजे दत्तात्रयनगर के महाकालकर सभागार में एक बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन रखा गया है। इसका मकसद संगठन की एकजुटता और ताकत दिखाना बताया गया है।
सम्मेलन में महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी सिरीवेल्ला प्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल खास तौर पर मौजूद रहेंगे और कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देंगे।
नागपुर, वर्धा, चंद्रपुर, गडचिरोली, भंडारा और गोंदिया जिलों के वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधि और अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारी एक ही मंच पर दिखाई देंगे।
पार्टी में गुटबाजी के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस ने 6 जिलों में संगठन के बीच तालमेल बिठाकर प्रचार तेज कर दिया है।
चुनाव में रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, युवाओं के अवसर और शिक्षकों व स्नातकों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया जा रहा है। पिछले 6 वर्षों में अभिजीत वंजारी ने जो काम किए और उनका आगे का 'विजन', इन्हें मतदाताओं तक पहुंचाया जा रहा है।
परीक्षा व्यवस्था को लेकर वादा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। सरकारी भर्तियां महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के जरिए कराने और एक स्वतंत्र परीक्षा आयोग बनाने की कोशिश की जाएगी। साथ ही नतीजे और नियुक्तियां समय पर हों, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा।
शिक्षा, सामाजिक न्याय और कर्मचारी कल्याण के तहत पुरानी पेंशन योजना लागू करना, बिना अनुदान वाले स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से अनुदान देना, कैशलेस मेडिकल सुविधा देना और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कामों से मुक्त करना शामिल है।
टीईटी परीक्षा रद्द करने और शिक्षकों के लिए कालबद्ध पदोन्नति योजना लागू करने की कोशिश की जाएगी। पिछड़े वर्गों, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के लिए राज्य के 36 जिलों में 2-2 सुसज्जित सरकारी छात्रावास बनाए जाएंगे। महाज्योति, 'सारथी', 'बार्टी', 'टार्टी' और मार्टी जैसी सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना तथा ओबीसी की जातिगत जनगणना और क्रीमीलेयर सीमा बढ़ाने की मांग भी इसमें शामिल है।
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