नाशिक सिंहस्थ की भीड़ और ट्रैफिक का प्लान नागपुर IIM बनाएगा, शाही स्नान पर सवा दो करोड़ भक्त
नागपुर के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट को नाशिक और त्र्यंबकेश्वर के सिंहस्थ कुंभमेले में भीड़ और ट्रैफिक संभालने के लिए सलाहकार चुना गया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में होने वाले सिंहस्थ कुंभमेले की भीड़ और ट्रैफिक का नियोजन अब नागपुर से होगा। नागपुर के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट यानी IIM को इस काम के लिए सलाहकार चुना गया है। संस्थान के डायरेक्टर डॉ. भीमराय मैत्री ने यह जानकारी दी।
IIM का अंदाजा है कि शाही स्नान के दिन नाशिक और त्र्यंबकेश्वर में करीब सवा दो करोड़ भक्त स्नान करेंगे। उस दिन भीड़ सबसे ज्यादा रहेगी। कुंभमेले के बाकी दिनों में भी रोज कम से कम दस लाख भक्त दोनों शहरों में मौजूद रहने की उम्मीद है। इसी अंदाजे को सामने रखकर ट्रैफिक और भीड़ के इंतजाम की तैयारी चल रही है।
काम का तरीका यह है कि पहले स्थानीय अधिकारी कुंभमेले के लिए 'मोबिलिटी प्लान' देंगे। उसके बाद नागपुर IIM को उस प्लान का वैलिडेशन यानी जांच-परख करनी है। इसके लिए IIM ट्रैफिक सिम्युलेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और 'लीडार सर्वे' का इस्तेमाल करेगा। डॉ. मैत्री के मुताबिक इन सबसे भीड़ और ट्रैफिक का अद्यतन नियोजन तैयार करके दिया जाएगा।
डॉ. मैत्री ने बताया कि फिलहाल ड्रोन से सर्वे चल रहा है। स्थानीय अधिकारियों से शुरुआती मोबिलिटी प्लान मिलते ही ट्रैफिक सिम्युलेशन और लीडार सर्वे का काम शुरू होगा।
कुंभमेले के दौरान और खासकर प्रमुख शाही स्नान के दिन की भीड़ का अंदाजा लेकर ट्रैफिक का नियोजन पहले से किया जाएगा। पैदल चलने वालों के लिए अलग रास्ते होंगे और गाड़ियों के लिए अलग। इतना ही नहीं, किसी जगह अचानक भीड़ बढ़ जाए तो इमरजेंसी में कौन से रास्ते इस्तेमाल होंगे, इसका प्लान भी पहले ही बना लिया जाएगा।
नाशिक और त्र्यंबकेश्वर के बाहर कई पार्किंग की जगहें तय की जाएंगी। अलग-अलग दिशाओं से आने वाली गाड़ियों के लिए पार्किंग भी अलग-अलग रहेगी। AI और लीडार सर्वे की मदद से मुश्किल वाली जगहें पहले ही पहचान ली जाएंगी, और ऐसी जगहों के लिए अलग इमरजेंसी इंतजाम रहेगा। डॉ. मैत्री ने कहा कि अगले एक महीने में सब कुछ तय हो जाएगा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।