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03:09 IST

सीजेपी के अभिजीत दिपके का सवाल: क्या ज्ञानेश कुमार मोदी को चुनाव जितवा रहे हैं?

दिल्ली में पत्रकार परिषद के दौरान सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखे सवाल उठाए।

सीजेपी के अभिजीत दिपके का सवाल: क्या ज्ञानेश कुमार मोदी को चुनाव जितवा रहे हैं? तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दिपके ने दिल्ली में हुई पत्रकार परिषद में केंद्र सरकार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए इतना कुछ क्यों किया जा रहा है। दिपके ने कहा कि ज्ञानेश कुमार नरेंद्र मोदी को आखिर ऐसा क्या दे रहे हैं कि मोदी उनके लिए पूरी दिल्ली ठप करने को तैयार हैं।

बुधवार सुबह जंतरमंतर पर सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को तिरंगा फहराने के मामले में जेल भेजा गया। इसी बात पर अभिजीत दिपके ने सीधे केंद्र सरकार को घेरा। पत्रकार परिषद में छात्र संगठन की अध्यक्ष नेहा बोरा, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और वरिष्ठ अभिनेता प्रकाश राज भी मौजूद थे। कई छात्र भी वहां आए थे। नेहा बोरा और अभिजीत दिपके, दोनों ने केंद्र की मोदी सरकार पर जोरदार निशाना साधा।

दिपके ने कहा, "कॉकरोच जनता पार्टी के 10 अक्टूबर के हमारे आंदोलन से पहले देश की सभी रेलवे बंद कर दी गईं। देश के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा हुआ कि रेलवे बंद की गईं, जो इमरजेंसी के दौर में भी नहीं हुआ था। पर एक ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए रेलवे बंद की गईं। रेलवे बंद करके भी इनका मन नहीं भरा तो दिल्ली के मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए। उससे भी मन नहीं भरा तो जम्मू-कश्मीर और नक्सल इलाकों से सेना के जवानों को बुला लिया गया। यह सब एक ज्ञानेश कुमार के लिए किया गया।"

दिपके के मुताबिक आशुतोष और सौरव ने सुबह-सुबह जंतरमंतर पर तिरंगा फहराया तो उन्हें उठाकर हिरासत में ले लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि तिरंगा फहराना भी कानून का उल्लंघन बताया गया, और वह भी सिर्फ ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए। दिपके ने कहा, "आपने दिल्ली ठप कर दी। रेलवे, मेट्रो बंद कर दीं। दिल्ली को आपने पाकिस्तान की बॉर्डर बना दिया है।"

उन्होंने आगे कहा कि छात्रों और नौजवानों को सड़कों पर घसीटा गया। विपक्ष के नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ भी ऐसा ही बर्ताव हुआ। दिपके ने पूछा कि एक ज्ञानेश कुमार के लिए इतना सब क्यों, और ज्ञानेश कुमार मोदी के लिए इतने अहम क्यों हैं। उनका सवाल था कि अगर ऐसा है तो हम यह क्यों न मानें कि ज्ञानेश कुमार नरेंद्र मोदी को चुनाव जितवा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि अगर वे चुनाव नहीं जितवा रहे होते, तो क्या मोदी उन्हें बचाने के लिए इतनी कोशिश करते।

दिपके ने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार किसी की नहीं सुनते, सिर्फ अपने राजनीतिक नेताओं की सुनते हैं। उनके मुताबिक ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सारी मशीनरी काम पर लगा दी। तब से देशभर के सभी छात्र संगठन और दिल्ली की सड़कों पर नौजवान लड़ रहे हैं। दिपके ने कहा कि उन्हें भी सड़कों पर घसीटा गया, नेहा, आयशा, विराज और इशारा सबको खींचकर ले जाया गया। देश के विपक्षी नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन को भी दिल्ली की सड़कों पर घसीटकर ले जाया गया, यह भी अभिजीत दिपके ने कहा।

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