शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

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23:33 IST

राऊत का दावा: 2024 में ज्ञानेश कुमार, फडणवीस और शिंदे की तिकड़ी ने हमारी हार करवाई

राऊत का दावा: 2024 में ज्ञानेश कुमार, फडणवीस और शिंदे की तिकड़ी ने हमारी हार करवाई तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने पुणे में कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की "कृत्रिम हार" करवाई गई। उनका आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तिकड़ी ने मिलकर यह किया। राऊत पुणे में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

इस वक्त देश भर में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ माहौल गरम है। SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी और फॉर्म 6 में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। विपक्षी इंडिया गठबंधन और सीजेपी ने उनके खिलाफ आंदोलन का एलान किया है। इसी बीच राऊत का यह बयान आया है।

राऊत ने दावा किया कि अब लोग भी मानने लगे हैं कि वह चुनाव शिवसेना ने जीता था। उनके मुताबिक देश में फिर से माहौल बदल रहा है और इससे साफ हो रहा है कि असली शिवसेना बालासाहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे की ही है। उन्होंने कहा कि बाकी सब "डुप्लिकेट" है। राऊत ने यह भी कहा कि अब यह खेल सुप्रीम कोर्ट खत्म करेगा। उनका दावा है कि पिछली सुनवाई के वक्त चुनाव आयोग और तब के सर्वोच्च न्यायालय ने जो पाप किए, उसी की वजह से देश में आयोग के खिलाफ गुस्सा भड़का है।

राऊत ने आरोप लगाया कि 2024 में विधानसभा में भी शिवसेना ही जीती थी। ज्ञानेश कुमार के कारनामे अब सामने आ गए हैं और ऐसे ही कारनामों की वजह से उनकी हार करवाई गई, यह राऊत का आरोप है। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार का हिसाब कर दिया जाए और तुरंत चुनाव हों, तो बिके हुए गुट और भाजपा का नामोनिशान नहीं बचेगा।

राऊत ने कहा, "ज्ञानेश कुमार एक नंबर के भ्रष्ट और घोटालेबाज आदमी हैं। वे अभी कहां भाग गए हैं? क्या फरार हैं? SIR प्रक्रिया में बड़ा घोटाला हुआ है, यह हम पहले से कह रहे थे। अब आयोग के दो और चुनाव आयुक्तों ने भी इस फैसले पर असहमति जताई है, इसलिए यह मुद्दा पूरे देश में गरमा गया है।"

विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री फडणवीस के बयान का जवाब देते हुए राऊत ने कहा, "भाजपा को ज्ञानेश कुमार से इतना लगाव क्यों है? क्या देवेंद्र फडणवीस को चुनाव आयोग का वकील बना दिया गया है? चुनाव आयोग अगर संवैधानिक संस्था है, तो उसे अपना पक्ष खुद रखने दीजिए।"

SIR के नाम पर मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप भी राऊत ने लगाया। उन्होंने कहा, "SIR में मृत मतदाताओं के नाम हटाने से हमें एतराज नहीं है। लेकिन जहां शिवसेना को ज्यादा वोट मिलते थे वहां नाम हटाना, या पश्चिम बंगाल में एक खास समुदाय के नाम काटकर उन्हें वोट देने से वंचित रखना, इसे SIR की नीति नहीं कहते। यह सीधे लोकतंत्र पर डकैती है।"

राऊत ने यह भी कहा कि जनता के सवालों पर फडणवीस, शिंदे और सुनेत्रा पवार बोलने को तैयार नहीं हैं। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एक दिन छोड़कर दिल्ली के दौरे पर रहते हैं, जबकि राज्य में जमीन पर सिर्फ शिवसेना का काम चल रहा है।

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