शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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03:29 IST

अमरावती में इंडिया आघाडी का कलेक्टर दफ्तर पर मोर्चा, SIR की निष्पक्ष जांच की मांग

इंडिया आघाडी ने अमरावती में जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकालकर SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों की जांच की मांग की।

अमरावती में इंडिया आघाडी का कलेक्टर दफ्तर पर मोर्चा, SIR की निष्पक्ष जांच की मांग तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

अमरावती में इंडिया आघाडी की ओर से जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकाला गया। आंदोलनकारियों ने विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोप और चुनाव आयोग के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए। "लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ, मतदाताओं का अधिकार बचाओ" के नारे लगाते हुए महाविकास आघाडी के अलग-अलग दलों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम नागरिक इसमें शामिल हुए। उनकी मुख्य मांग थी कि SIR प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो और पात्र मतदाताओं को न्याय मिले।

मोर्चा दोपहर साढ़े बारह बजे गर्ल्स हाईस्कूल चौक से शुरू हुआ। इंडिया आघाडी और महाविकास आघाडी के घटक दलों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। रास्ते भर चुनाव आयोग और सरकार के कामकाज के खिलाफ जोरदार नारेबाजी होती रही। आंदोलनकारियों ने मांग की कि मतदाता सूची की कथित गड़बड़ियां दूर की जाएं और वोट देने का अधिकार सुरक्षित रखा जाए।

मोर्चे की अगुवाई पूर्व मंत्री एडवोकेट यशोमती ठाकुर, सांसद बलवंत वानखड़े, अमरावती जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण जिलाध्यक्ष अनिरुद्ध उर्फ बबलू देशमुख, पूर्व मंत्री सुनील देशमुख, पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप, शहर कांग्रेस अध्यक्ष बबलू शेखावत, विलास इंगोले और मिलिंद चिमोटे समेत दूसरे नेताओं ने की।

जब मोर्चा जिलाधिकारी कार्यालय के गेट पर पहुंचा तो पुलिस ने आंदोलनकारियों को वहीं रोकने की कोशिश की। आंदोलनकारी परिसर के अंदर जाना चाहते थे, इसलिए पुलिस और उनके बीच कुछ देर तक कहासुनी हुई। इसके बाद आंदोलनकारी कार्यालय परिसर में पहुंच गए। इस दौरान वहां कुछ वक्त के लिए तनाव का माहौल रहा।

फिर इंडिया आघाडी का प्रतिनिधिमंडल कार्यालय के सभागार में जिलाधिकारी से मिला और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि SIR के दौरान मतदाताओं के नाम हटाने की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो। पात्र मतदाताओं के नाम तुरंत सूची में दोबारा जोड़े जाएं, मतदाताओं को आपत्ति दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय और मौका मिले, और सूची में किए गए बदलावों की जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जाए, ऐसा इंडिया आघाडी ने कहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर उठे आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की। उसका कहना था कि जांच में दोष मिले तो कानून के मुताबिक कार्रवाई हो। ज्ञापन में यह भी लिखा गया कि चुनाव आयोग के फैसले लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी जाए, उसकी संवैधानिक स्वायत्तता बनी रहे और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा हो।

यशोमती ठाकुर ने 9 अक्टूबर 2026 को X पर लिखा कि SIR और "वोट चोरी" करने वाले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, इसके लिए इंडिया आघाडी ने अमरावती में बड़ा मोर्चा निकाला। उन्होंने लिखा कि ज्ञानेश कुमार ने पूरे देश में गड़बड़ी फैलाई है और यह उनकी मांग है कि वे तुरंत इस्तीफा दें। उन्होंने यह भी कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ सरकार जो बर्ताव कर रही है, वह निंदनीय है।

इंडिया आघाडी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने चुनाव प्रक्रिया की कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई है। साथ ही आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की भी निंदा की गई। मांग की गई कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने का नागरिकों का अधिकार बना रहे। आंदोलनकारियों ने कहा कि SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची के बदलावों और चुनाव आयोग के कामकाज पर उठे मुद्दों को सरकार गंभीरता से ले।

यशोमती ठाकुर ने कहा, "मैं राज्य की मंत्री और विधायक रह चुकी हूं, फिर भी मेरे बच्चों के वोटर आईडी कार्ड में खामी निकाली गई। तो आम आदमी का क्या होगा? इसलिए असली मुद्दा SIR और वोट चोरी का है। भाजपा ने ऐप बनाकर उसका एक्सेस तहसीलदार और दूसरों को दिया है। कौन से नाम डिलीट किए जाएं, यह तय किया जा रहा है। ज्ञानेश कुमार ने पूरे देश में गड़बड़ी की है, हम उसकी निंदा करते हैं। देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ जिस तरह का बर्ताव हो रहा है, वह भी निंदनीय है।" वे पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता हैं।

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