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23:33 IST

अमरावती में इंडिया आघाड़ी का कलेक्टर दफ्तर पर मोर्चा, SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ ज्ञापन

इंडिया आघाड़ी ने SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज के खिलाफ अमरावती में जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकाला और ज्ञापन सौंपा।

अमरावती में इंडिया आघाड़ी का कलेक्टर दफ्तर पर मोर्चा, SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ ज्ञापन तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

अमरावती में इंडिया आघाड़ी की तरफ से विशेष सघन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय पर बड़ा मोर्चा निकाला गया। आयोजकों का कहना था कि वे SIR प्रक्रिया की अनियमितताओं, मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग के कामकाज के तरीके का विरोध कर रहे हैं।

मोर्चा दोपहर साढ़े बारह बजे गर्ल्स हाईस्कूल चौक से शुरू हुआ। इसमें महाविकास आघाड़ी के अलग-अलग घटक दलों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। मोर्चे के दौरान चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी हुई।

आंदोलन की अगुवाई पूर्व मंत्री एड. यशोमती ठाकुर, सांसद बलवंत वानखड़े, अमरावती जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण जिलाध्यक्ष अनिरुद्ध उर्फ बबलू देशमुख, पूर्व मंत्री सुनील देशमुख, पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप, शहर कांग्रेस अध्यक्ष बबलू शेखावत, विलास इंगोले और मिलिंद चिमोटे जैसे नेताओं ने की।

मोर्चा जब जिलाधिकारी कार्यालय के गेट पर पहुंचा तो पुलिस ने आंदोलनकारियों को वहीं रोकने की कोशिश की। आंदोलनकारी परिसर के अंदर जाना चाहते थे, इसलिए कुछ देर पुलिस और उनके बीच बहस हुई। इसके बाद आंदोलनकारी कार्यालय के परिसर में पहुंचे। इंडिया आघाड़ी का प्रतिनिधिमंडल कार्यालय के सभागार में जिलाधिकारी से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कई मांगें रखी गईं। SIR के दौरान मतदाताओं के नाम हटाने की पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो, पात्र मतदाताओं के नाम तुरंत फिर से दर्ज किए जाएं, मतदाताओं को आपत्ति दर्ज कराने का पूरा मौका मिले और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जाए।

ज्ञापन में यह मांग भी की गई कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर उठाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और दोष पाए जाने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए। साथ ही चुनाव आयोग के फैसले लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवैधानिक स्वायत्तता पक्की करने और नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा करने की मांग भी रखी गई।

ज्ञापन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का जिक्र है, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई। इंडिया आघाड़ी ने आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की भी निंदा की और कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने का अधिकार बना रहना चाहिए।

आंदोलनकारियों ने मांग की कि SIR प्रक्रिया की कथित अनियमितताओं, मतदाताओं के अधिकारों और चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े मुद्दों को सरकार गंभीरता से ले। आंदोलन के दौरान "लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ, मतदाता का अधिकार बचाओ" के नारे लगाए गए।

पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता यशोमती ठाकुर ने कहा, "मैं राज्य की मंत्री और विधायक रह चुकी हूं, फिर भी मेरे बच्चों के वोटर आईडी कार्ड में खामी निकाली गई। तो आम लोगों का क्या होगा? इसलिए असली मुद्दा SIR और वोट चोरी का है।" उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने एक ऐप बनाकर उसका एक्सेस तहसीलदार और दूसरे लोगों को दिया है और कौन से नाम डिलीट करने हैं, यह तय किया जा रहा है। उनके मुताबिक ज्ञानेश कुमार ने पूरे देश में गड़बड़ी फैलाई है और वे इसकी निंदा करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ जिस तरह का बर्ताव किया जा रहा है, वह भी निंदनीय है।

यशोमती ठाकुर ने 9 अक्टूबर 2026 को X पर लिखा कि SIR और "वोट चोरी" करने वाले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, इसी मांग को लेकर इंडिया आघाड़ी ने अमरावती में यह मोर्चा निकाला और पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने लिखा कि यह उनकी मांग है कि ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें।

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