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03:11 IST

नागपुर की सराफा डकैती में एक फिंगरप्रिंट से यूपी में पकड़े गए 4 आरोपी

नागपुर क्राइम ब्रांच ने डोमणे ज्वेलर्स की डकैती में फिंगरप्रिंट और AI की मदद से उत्तर प्रदेश से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।

नागपुर की सराफा डकैती में एक फिंगरप्रिंट से यूपी में पकड़े गए 4 आरोपी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर क्राइम ब्रांच ने 3 अक्टूबर को एमआईडीसी थाना क्षेत्र के संगम रोड पर स्थित डोमणे ज्वेलर्स में हुई डकैती का खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में चार आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। जांच में सबसे अहम सुराग दुकान के काउंटर पर मिला एक फिंगरप्रिंट बना।

सीपी विश्वास नांगरे पाटिल ने बताया कि वारदात के बाद पुलिस के पास आरोपियों का कोई सुराग नहीं था। पिछले कुछ सालों में चोर और लुटेरे इतने सतर्क हो गए हैं कि घटनास्थल पर उनके फिंगरप्रिंट मिलना ही मुश्किल होता है, और मिल भी जाए तो उसका मिलान नहीं हो पाता। इस बार नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आईडेंटिफिकेशन सिस्टम यानी नाफिस के जरिए पुलिस को आरोपी का सुराग मिला। नाफिस में देशभर के अपराधियों के फिंगरप्रिंट का डाटा जमा रहता है।

एमआईडीसी पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच ने भी मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने 400 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन कुछ खास मदद नहीं मिली। फिर दुकान के काउंटर से मिले फिंगरप्रिंट का नाफिस डाटाबेस में मिलान किया गया, तो वह अभिषेक से मैच हुआ। वह पहले भी वारदातों को अंजाम दे चुका था, लेकिन उसे पहचानने वाला कोई नहीं था। इसके बाद पुलिस ने AI के जरिए एक इमेज तैयार की।

पुलिस उसके पीछे गाजियाबाद पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। डीसीपी दीपक अग्रवाल और एसीपी वैभव जाधव के मार्गदर्शन में पुलिस टीम उत्तर प्रदेश के बरेली में करीब हफ्ते भर घात लगाकर बैठी रही और जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर जयराम और शुभांकित को नोएडा से पकड़ा गया, जबकि राजन पुलिस के हाथ मेरठ में लगा।

पकड़े गए आरोपियों में अभिषेक सिंह ठाकुर, जयराम उर्फ जोगिंदर अशोक सिंह ठाकुर, शुभांकित नीलेश कुमार चतुर्वेदी और नागपुर निवासी राजन सामी शमां शामिल हैं। राजन शर्मा नागपुर का ही रहने वाला है। उसे साइबर फ्रॉड के 2 मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। वह कुछ साल पहले चेन्नई की एक जेल में बंद था। जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद उसने बाकी आरोपियों को भी जमानत दिलाने में मदद की थी। तब से उनकी दोस्ती गहरी हो गई थी।

पुलिस के अनुसार, पिछले महीने इस गैंग ने नागपुर में एक सराफा व्यापारी के यहां डाका डालने की योजना बनाई। अभिषेक, जोगिंदर, शुभांकित और अन्य आरोपी नागपुर आए। राजन ने उनके होटल में रुकने का इंतजाम किया। आरोपियों ने एक एसयूवी गाड़ी में शहर के अलग-अलग इलाकों में सराफा दुकानों की रेकी की और ध्यान रखा कि पुलिस को उनका कोई सुराग न मिले। आखिर में ढोमणे की दुकान पर लूट की योजना बनी।

राजन को मोटरसाइकिल खरीदने के लिए 70,000 रुपये दिए गए। उसने एक ऑटो डीलर से बाइक खरीदी। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी बाइक से आउटर रिंग रोड की ओर गए। बाद में बाइक को वापस एसयूवी में डालकर एक नाले में फेंक दिया गया। पुलिस ने इस गैंग के मुखिया का नाम जारी नहीं किया है। सीपी नांगरे पाटिल ने कहा कि गैंग का मुखिया बहुत शातिर अपराधी है।

सीपी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की इंस्पेक्टर शुभांगी देशमुख, एपीआई चेतन बोरखेड़े, नितिन चुलपार, राजाराम जाधव, पीएसआई विवेक झिंगरे और उनकी टीम ने बहुत पेशेवर तरीके से तकनीक का इस्तेमाल कर यह कार्रवाई की। इसीलिए टीम को 25,000 रुपये का रिवार्ड भी दिया जा रहा है।

आरोपियों को पकड़ने में हेड कांस्टेबल अर्जुन यादव, कमलेश गणेर, मनोज टेकाम, प्रितम यादव, रितेश तुमडाम, योगेश वासनिक, महेंद्र सड़माके, नितिन वासनिक, चंद्रशेखर राघोर्ते, अनंता क्षिरसागर, पराग ढोक, रोशन तिवारी, नितिन वर्मा, कमलेश गहलोद, संदीप पांडे, सुधीर पवार, कुणाल गेडाम, धीरज पंचभावे, मिथुन नाइक, चैतन्य, परमेश्वर, आशीष धंदरे और अजमत शेख ने अहम भूमिका निभाई।

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