रिहाई के बाद CJP नेताओं का प्रेस क्लब में केंद्र पर हमला, आंदोलन तेज करने का ऐलान
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख नेताओं को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने कल हिरासत में ले लिया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर होना था। रविवार (11 अक्टूबर 2026) को कार्यकारी दंडाधिकारी के सामने पेश किए जाने के बाद अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को शर्तों के साथ छोड़ दिया गया।
बाहर आते ही CJP नेताओं ने दिल्ली के प्रेस क्लब (Press Club of India) में तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वहां उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और ऐलान किया कि आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा, बल्कि और तेज किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP नेता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। रांका ने कहा, "इतना डरा हुआ प्रधानमंत्री भारत ने आज तक कभी नहीं देखा। हमारी सीधी लड़ाई चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे अपने और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बना लिया है। मोदी ने तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जमाने की इमरजेंसी को भी पीछे छोड़ दिया है। इमरजेंसी क्या होती है, यह हमने सिर्फ सुना था, लेकिन कल उसे सचमुच झेला।"
CJP ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के डर की वजह से प्रशासन ने पूरी दिल्ली ठप कर दी। रांका ने कहा, "मोदी इतने घबरा गए हैं कि उन्होंने सीधे रेलवे और मेट्रो सेवाएं बंद कर दीं। इंदिरा गांधी की इमरजेंसी में भी देश में कभी रेलवे बंद नहीं हुई थी। लेकिन रेलवे और मेट्रो रोककर मोदी ने देश के आम नागरिकों को बहुत परेशानी में डाला है।"
पुलिस के बर्ताव पर बोलते हुए आशुतोष रांका ने कहा, "हमें कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया गया था, बल्कि विमान में घुसकर सीधे हमारा अपहरण किया गया। पूरे देश ने देखा कि हमारा अपहरण कैसे हुआ। पुलिस ने बेहद अमानवीय चेहरा दिखाते हुए लोगों को मारा-पीटा। अभिजीत दीपके ने बताया था कि उनकी दादी का निधन हो गया है, फिर भी दिल्ली पुलिस ने उनके साथ बहुत बदसलूकी की। ऐसी दिल्ली पुलिस पर हमें बहुत शर्म आ रही है।"
रांका ने यह भी बताया कि दादी के निधन की वजह से अभिजीत दीपके रिहाई के फौरन बाद अंतिम संस्कार के लिए महाराष्ट्र के हिंगोली के लिए रवाना हो गए हैं।
इसी आंदोलन के दौरान हिरासत में लिए गए मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी छोड़ दिया गया है। रिहाई के बाद जारी अपने वीडियो संदेश में ध्रुव राठी ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और अपने हिरासत में लिए जाने को 'अपहरण' ही कहा।
CJP ने साफ किया है कि सरकार और पुलिस की इस दमन की कार्रवाई से डरे बिना चुनाव आयोग के खिलाफ यह आंदोलन आने वाले समय में और आक्रामक किया जाएगा।
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