दिल्ली में आज 19 विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग तक पैदल मार्च करेंगी, CEC के इस्तीफे की मांग
इंडिया गठबंधन की 19 पार्टियां SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्यालय तक पैदल मार्च निकालेंगी।
विशेष सखोल पुनरावलोकन (SIR) के विरोध में और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन की 19 विपक्षी पार्टियां दिल्ली में चुनाव आयोग का घेराव करने वाली हैं। इंडिया गुट के विपक्षी सांसद 'लोकतंत्र बचाओ मोर्चा' निकालेंगे। बताया गया है कि यह पैदल मार्च संसद से चुनाव आयोग (ECI) के मुख्यालय तक करीब 3 किलोमीटर का होगा।
इस मोर्चे में शामिल 19 पार्टियों के लोकसभा में 178 और राज्यसभा में 62 सांसद हैं। इनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (सपा), शिवसेना (यूबीटी), आरजेडी, सीपीएम, सीपीआई, एनसी, पीडीपी, जेएमएम, सीपीआई-एमएल, आईयूएमएल, केसी (एम), एमडीएमके, वीसीके, आरएसपी, एआईएफबी और केसी (जे) शामिल हैं। बताया गया है कि इन पार्टियों के सांसदों के साथ दूसरे नेता और कार्यकर्ता भी मोर्चे में होंगे।
कांग्रेस के सांसद जयराम रमेश ने आंदोलन की आगे की रूपरेखा बताई। उनके मुताबिक, "यह मोर्चा शांति से निकाला जाएगा। 8 अक्टूबर तक इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियां जिला स्तर पर पैदल मार्च निकालेंगी। प्रदर्शन और सभाएं भी होंगी।"
रमेश ने कहा, "वोट चोरी का मुद्दा उठाने और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग के लिए 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर के बीच ब्लॉक स्तर पर सभाएं की जाएंगी। 25 अक्टूबर से 25 नवंबर के बीच राज्य और जिला स्तर पर, साथ ही हर गांव के चौक में 'वोट करो, देश बचाओ' रैलियां निकाली जाएंगी। वोटर लिस्ट से नाम गायब हुए 13.5 करोड़ मतदाताओं की जानकारी जुटाना इस महीने भर चलने वाले अभियान का मकसद होगा।"
इस बीच SIR प्रक्रिया के खिलाफ अलग-अलग संगठनों के आंदोलन के आह्वान के बाद मंगलवार को चुनाव आयोग के मुख्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शुक्रवार से नई दिल्ली की अहम जगहों पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। यह आंदोलन 30 सितंबर को 19 विपक्षी पार्टियों की बैठक के बाद घोषित किया गया था।
ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर सवाल भी उठे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्ति दर्ज कराई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार करके मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने स्तर पर फैसले लिए।
उसी रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ फैसले इन दोनों चुनाव आयुक्तों की जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए। यह बात सामने आने के बाद देश भर में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नाराजगी की लहर है। विपक्षी पार्टियों के साथ कई नागरिकों ने भी उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। इसके बाद विपक्षी पार्टियां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश भर में प्रदर्शन कर रही हैं।
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