ज्ञानेश कुमार महाराष्ट्र आए तो मुंह काला करेंगे, कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की चेतावनी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को महाराष्ट्र आने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सपकाल ने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वे महाराष्ट्र आए तो कांग्रेस आंदोलन करेगी।
सपकाल ने चेतावनी दी, 'ज्ञानेश कुमार महाराष्ट्र आए तो कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें पैर नहीं रखने देंगे। आए तो उनका मुंह काला करेंगे।' इस बयान से राज्य का राजनीतिक माहौल गरमाने की संभावना है।
सपकाल का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात कर रहे हैं। उनके मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त संवैधानिक पद पर होते हुए भी भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।
कांग्रेस की तरफ से वोटर लिस्ट में बदलाव, SIR (Special Intensive Revision) और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने इन्हीं मुद्दों पर पूरे देश में आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
सपकाल ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पूरे देश से उठ रही है। राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष के सांसदों ने चुनाव आयोग के दफ्तर की तरफ मोर्चा निकालने की कोशिश की थी। खबर है कि इस आंदोलन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी और दूसरे नेताओं को हिरासत में ले लिया।
इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का 7 और 8 अक्टूबर का छत्तीसगढ़ दौरा टाल दिया गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर ने बताया कि दौरा 'अपरिहार्य कारणों' से आगे बढ़ाया गया है। नई तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
हर्षवर्धन सपकाल ने फॉर्म 6 में गैरकानूनी बदलाव किए जाने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि इसकी वजह से 18 साल पूरे कर चुके नौजवानों को वोट देने के अधिकार से वंचित रखा गया।
सपकाल ने कहा कि कांग्रेस मतदाताओं के अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। दूसरी तरफ, विपक्ष SIR प्रक्रिया पर आपत्ति जता रहा है, जबकि चुनाव आयोग की ओर से यह रुख रखा गया है कि वोटर लिस्ट की समीक्षा की प्रक्रिया जरूरी है।
मुंबई समेत महाराष्ट्र में भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजनीतिक आंदोलन तेज हुआ है। इससे पहले उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की अगुवाई में मुंबई में भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मोर्चा निकाला गया था।
अब सपकाल के बयान से राज्य में राजनीतिक टकराव और तीखा होने के संकेत हैं। ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के मुद्दे पर कांग्रेस और सत्ताधारी भाजपा के बीच तनातनी और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।