स्कूल दाखिले की उम्र तय: नर्सरी से पहली तक न्यूनतम आयु, 2027-28 से चरणबद्ध लागू
राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षणिक नीति-2020 के मुताबिक पूर्व-प्राथमिक से पहली कक्षा तक के दाखिले की न्यूनतम उम्र तय कर दी है।
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राज्य सरकार ने स्कूल में दाखिले के नियम में बड़ा बदलाव किया है। पूर्व-प्राथमिक से लेकर पहली कक्षा तक के दाखिले के लिए बच्चों की न्यूनतम उम्र अब तय कर दी गई है। यह फैसला राष्ट्रीय शैक्षणिक नीति-2020 की व्यवस्था के मुताबिक लिया गया है। इस बारे में स्कूल शिक्षा विभाग ने शासनादेश यानी GR भी जारी कर दिया है।
नए नियम शैक्षणिक वर्ष 2027-28 से चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे। उम्र की शर्त 30 जून को पूरी होना जरूरी होगा। यानी बच्चे की उम्र उस तारीख तक पूरी हो चुकी होनी चाहिए।
अब तक राज्य बोर्ड के स्कूलों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई और आईबी पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में पहली कक्षा के दाखिले के लिए अलग-अलग तारीखों के हिसाब से उम्र मानी जाती थी। पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं के लिए तो उम्र की कोई तय शर्त थी ही नहीं। केंद्र सरकार ने पहली कक्षा के दाखिले के लिए बच्चे की उम्र छह साल से ज्यादा रखने को कहा है। इसी के आधार पर राज्य सरकार ने ये मानदंड तय किए हैं।
नए नियम के तहत बालवाटिका-1 यानी नर्सरी में दाखिले के लिए तीन साल पूरे होने की शर्त 2027-28 से लागू होगी। बालवाटिका-2 यानी जूनियर केजी के लिए चार साल पूरे होने की शर्त 2028-29 से लगेगी। बालवाटिका-3 यानी सीनियर केजी के लिए पांच साल पूरे होने की शर्त 2029-30 से लागू होगी। वहीं पहली कक्षा के दाखिले के लिए छह साल पूरे होने की शर्त 2030-31 से लागू होगी।
शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में नर्सरी से पहली कक्षा तक पढ़ रहे मौजूदा बच्चों पर ये नई उम्र की शर्तें लागू नहीं होंगी। किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल से पिछली कक्षा पास कर चुके नियमित विद्यार्थियों को भी अगली ऊंची कक्षा में दाखिले के वक्त उम्र की शर्त से छूट दी गई है।
इसके अलावा स्कूल प्रमुख के स्तर पर नर्सरी से पहली कक्षा तक के दाखिले में न्यूनतम और अधिकतम उम्र में 15 दिन की छूट दी जा सकेगी। बुनियादी कक्षाओं के नामांकन और नर्सरी से पहली कक्षा के दाखिले के लिए राष्ट्रीय शैक्षणिक नीति-2020 की सूचनाओं का पालन करना होगा।
नई उम्र सीमा के हिसाब से दाखिले की सूचनाएं और मार्गदर्शक निर्देश शिक्षा निदेशक (प्राथमिक), प्राथमिक शिक्षा निदेशालय, पुणे की तरफ से जारी किए जाएंगे। इन नियमों से राज्य के सभी स्कूलों की दाखिला प्रक्रिया में एकरूपता आएगी।