ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर तीसरे दिन राहुल, खर्गे और विपक्षी सांसद राजघाट रवाना
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआयआर प्रक्रिया की गड़बड़ियों के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन दिल्ली में लगातार तीसरे दिन जारी रहा।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विपक्ष का आंदोलन 8 अक्टूबर को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सांसद आज राजघाट के लिए निकले। विपक्ष का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं और इसी के विरोध में यह मोर्चा खुला है।
इस मुद्दे पर सड़क पर उतरने वाली कांग्रेस पहली नहीं है। उससे पहले ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने भी जोरदार प्रदर्शन किया था। अब कांग्रेस और उसके साथी दल खुद मैदान में हैं।
पहले दिन, यानी मंगलवार को, राहुल गांधी और कई सांसद चुनाव आयोग के दफ्तर की तरफ बढ़े। पुलिस ने रास्ता रोका तो राहुल आकाशवाणी भवन के आसपास धरने पर बैठ गए। करीब आठ घंटे बाद पुलिस ने उन्हें और बाकी सांसदों को हिरासत में ले लिया।
दूसरे दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने गठबंधन के सांसदों को स्नेहभोज पर बुलाया। इसके बाद सब जंतर-मंतर की ओर चले, पर पुलिस ने फिर रोक दिया। वहां पुलिस और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच जोरदार झड़प भी हुई। इस बार राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई सांसद हिरासत में लिए गए। दो दिन की हिरासत के बावजूद राहुल के तेवर नरम नहीं पड़े, और तीसरे दिन उन्होंने सीधे राजघाट जाने का एलान कर दिया।
आज दोपहर कनॉट प्लेस के मोआट्स रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद राहुल और प्रियंका कई विपक्षी सांसदों के साथ राजघाट के लिए रवाना हुए। राहुल ने कहा कि उन्हें आंदोलन ही नहीं करने दिया जा रहा। उनके मुताबिक आज राजघाट पर करीब 300 सांसद शांति से प्रदर्शन करेंगे, हालांकि इतने सांसदों के जुटने की बात उन्हीं की ओर से कही गई है। खर्गे ने बताया कि गठबंधन के नेता महात्मा गांधी के स्मारक पर जाकर बापू से प्रार्थना करेंगे कि सरकार को सद्बुद्धि मिले। उनका कहना है कि प्रार्थना इसलिए होगी कि भाजपा सरकार, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह यह समझें कि उनके फैसले देश के हित में नहीं हैं।
राहुल गांधी ने गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार ने "वोट चोरी" करके देश का लोकतंत्र खत्म कर दिया। ये आरोप राहुल के हैं, और इस खबर में उन पर किसी की प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि इस मामले में जो लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें सजा जरूर मिलेगी।
उधर राजघाट इलाके में पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लगा दी है। इसके तहत पांच से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। वहां भारी पुलिस बल तैनात है और कांग्रेस के कई कार्यकर्ता पहले से नारे लगा रहे हैं। युवक कांग्रेस के भी काफी कार्यकर्ता राजघाट पहुंच चुके हैं।
चुनाव आयोग के दफ्तर के आसपास हाई अलर्ट है और पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दफ्तर के बाहर दंगा नियंत्रण वाहन और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान लगाए गए हैं।
विपक्ष का काफिला राजघाट के लिए निकल चुका है। राहुल गांधी एक बस में दिख रहे हैं और उनके पीछे खर्गे हैं। काफिला दीनदयाल उपाध्याय मार्ग और भाजपा दफ्तर वाले रास्ते से राजघाट की ओर बढ़ा। बस में के.सी. वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, प्रणव झा, प्रणति शिंदे और श्रीनिवास समेत कई नेता और सांसद हैं। जानकारी है कि INDIA गठबंधन के और भी कई सांसद काफिले में शामिल हैं।
आंदोलन को और ताकत देने के लिए राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को दिल्ली बुलाया है। बताया जा रहा है कि गठबंधन के सभी प्रमुख दलों को साथ लेकर आगे की रणनीति बनेगी, इसलिए आंदोलन के और तेज होने के आसार हैं।
आज के इस मोर्चे पर पूरे देश की नजर है। अब देखना होगा कि पुलिस आज भी राहुल गांधी को रोकती है या उन्हें राजघाट जाने देती है।
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