सुप्रीम कोर्ट तक इंडिया गठबंधन के मार्च पर भड़के शिंदे, बोले विदेशी ताकतों का हाथ तो नहीं
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट की तरफ निकले इंडिया आघाडी के मोर्चे की आलोचना की और विदेशी ताकतों के हाथ की आशंका जताई।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की तरफ निकाले गए इंडिया गठबंधन के मार्च पर कड़ा ऐतराज जताया है। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने राहुल गांधी और पूरे विपक्ष को आड़े हाथों लिया। शिंदे का कहना है कि इस मार्च के जरिए अदालत और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव डालने की कोशिश हुई है।
शिंदे ने कहा, "कल का दिन देश के इतिहास का काला दिन था। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने देश को संविधान दिया और संवैधानिक संस्थाएं खड़ी कीं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट पर चढ़ाई करना और दबाव बनाने की कोशिश करना गंभीर बात है।" उनका सवाल था कि लोकतंत्र में हर किसी को याचिका डालने का हक है, पर याचिका के लिए मार्च निकालना आखिर कौन सा तरीका हुआ। शिंदे ने मांग की कि विपक्षी दल इसके लिए देश और न्यायपालिका से माफी मांगें।
उपमुख्यमंत्री ने यह शक भी जताया कि इस आंदोलन के पीछे विदेशी ताकतें हो सकती हैं और यह किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा भी हो सकता है। उनके मुताबिक विपक्ष चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हरा नहीं पा रहा, इसलिए देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिशें हो रही हैं। शिंदे ने यह भी कहा कि मोदी के खिलाफ आंदोलन करना ही विपक्ष का एजेंडा बन गया है।
इमरजेंसी का नाम लेकर शिंदे ने कहा, "देश में आपातकाल होता, तो क्या वे आंदोलन को सुप्रीम कोर्ट तक ले जा पाते? आज हर किसी को अपनी बात रखने की आजादी है। फिर न्यायव्यवस्था का अपमान करना क्या ठीक है?" उनका कहना था कि इमरजेंसी में बोलने पर रोक लगी थी, इसलिए आज के हालात की उससे तुलना सही नहीं है।
मतदाता सूची में नाम कटने को लेकर चल रहे आंदोलन पर भी शिंदे ने सवाल उठाए। यह आंदोलन मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण, यानी एसआईआर, की प्रक्रिया को लेकर चल रहा है। शिंदे ने कहा कि किसी वोटर के साथ नाइंसाफी न हो, इसीलिए फॉर्म नंबर 6 की व्यवस्था है, जिससे सूची में नाम जुड़वाया जा सकता है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह सियासी फायदे के लिए यह सब कर रहा है।
उधर इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची की कथित गड़बड़ियों, एसआईआर की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप और पलटवार का दौर जारी है।
इसी बीच ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के पदाधिकारी प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले पर भी शिंदे ने अपनी बात रखी। उन्होंने इस घटना को दुखद बताया और कहा कि इस बारे में उनकी पुलिस से बात हुई है। शिंदे ने कहा, "इस घटना की जांच चल रही है। किसी को बचाया नहीं जाएगा।" अब सबकी नजर इस पर है कि जांच में आगे क्या निकलकर आता है।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।