शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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18:26 IST
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ब्लैकमेलर भागचंदानी के खिलाफ तहसील थाने में भी एफआईआर

अबतक 6 मामले हुए है दर्ज, इतवारी-गांधीबाग के कई पीड़ित आएगे सामने, मददगारों पर भी नजर

नागपुर.

कुख्यात ब्लैकमेलकर प्रमोद भागचंदानी के खिलाफ तहसील पुलिस ने भी हफ्ता वसूली का मामला दर्ज किया है. भागचंदानी के खिलाफ अबतक 6 मामले दर्ज हुए है. आगामी दिनों में उसके कई पीड़ित सामने आने का पता चला है.

ताजा प्रकरण के शिकायतकर्ता 62 वर्षीय हरीश रोचलदास केवलरमानी है. केवलरमानी गारमेंट व्यापारी है. उनकी गांधीबाग में दुकान है. उनकी भागचंदानी से 2018 में पहचान हुई थी. भागचंदानी पेशेवर अपराधी है. वह व्यापारियों को अवैध निर्माण कार्य अथवा दूसरी वजहों से फर्जी शिकायत करने की धमकी देकर उगाही करता है. इसी तरह पर वह केवलरमानी से भी पैसों की मांग करने लगा. पैसे नहीं देने पर आबकारी और पुलिस विभाग में फर्जी शिकायतें करने की धमकी देने लगा. आरंभ में उसकी बातों को केवलरमानी ने नजरंदाज किया. जिसके बाद भागचंदानी उनकी फर्जी शिकायतें करने लगा. मानसिक प्रताड़ना किए जाने से केवलरमानी ने भागचंदानी को दो लाख रुपए दिए. उगाही करने के बाद भी भागचंदानी पैसों की मांग करने लगा. भागचंदानी पेशेवर अपराधी होने से केवलरमानी ने उसे प्रतिसाद नहीं दिया. भागचंदानी के पीड़ितों द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद केवलरमानी ने भी हिम्मत जुटाई. उन्होंने तहसील थाने में शिकायत दर्ज कराई. जांच के बाद भागचंदानी के खिफाफ हफ्ता वसूली का मामला दर्ज किया गया है.

सूत्रों के अनुसार भागचंदानी से इतवारी और गांधीबाग के कई व्यापारी त्रस्त है. उसने गांधीबाग जोन में सैकड़ों व्यापारियों की शिकायत करके करोड़ों रुपयों की उगाही की है. उसे व्यापारियों की जानकारी इतवारी-गांधीबाग से ही मिलती थी. भागचंदानी भले ही खूद को पुलिस का मुखबिर बताता था लेकिन इतवारी-गांधीबाग के कुछ व्यापारी उसके लिए 'पंटर' काम काम करते थे. उन्होंने कई उगाही में मध्यस्थ की भूमिका भी निभाई है. पुराना भंडारा रोड का एक जुते-चप्पल का व्यापारी प्रमुखता से शामिल है. इस व्यापारी के शोरूम में कई पीड़ितों ने हफ्ता वसूली की राशि छोड़ी है. जुते-चप्पल व्यापारी की इस करतूत से पीड़ितों में तीव्र रोष है. पुलिस भी भागचंदानी के मददगारों की कुंडली खंगाल रही है. भागचंदानी 2004 से हफ्ता वसूली और ब्लैकमेलिंग में लिप्त है. इस दौरान उसने काफी संपति बनाई है. उसके रैकेट में शामिल लोग भी लाखों में खेल रहे है. इनमें व्यापारी, फर्जी पत्रकार और समाजसेवी शामिल है. हरीश केवलरमानी की व्यापार और सामाजिक क्षेत्र में काफी ख्याती है. भागचंदानी द्वारा बदनाम किए जाने के भय से ही उन्होंने रुपये दिए थे. केवलरमानी की शिकायत के बाद इतवारी-गांधीबाग के कई व्यापारियों के सामने आने की उम्मीद है. पुलिस ने भी भागचंदानी के पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने के लिए सामने आने की अपील की है.

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