शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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03:40 IST

चंद्रपुर में कांग्रेस का वोट बचाओ मोर्चा, धानोरकर बोलीं, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दें इस्तीफा

कांग्रेस के 'लोकतंत्र बचाओ सप्ताह' के तहत चंद्रपुर में 'वोट बचाओ - देश बचाओ' आंदोलन हुआ। सांसद प्रतिभा धानोरकर ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

चंद्रपुर में कांग्रेस का वोट बचाओ मोर्चा, धानोरकर बोलीं, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दें इस्तीफा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

गुरुवार को चंद्रपुर की सड़कों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हुजूम उतरा। पार्टी ने "वोट बचाओ मोर्चा" निकाला, जो गांधी चौक से रवाना होकर पैदल चलते हुए जिलाधिकारी दफ्तर तक पहुंचा। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर रखा गया था और इसकी कमान सांसद प्रतिभा धानोरकर ने संभाली। उनकी सबसे बड़ी मांग यही रही कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें।

यह मोर्चा "लोकतंत्र बचाओ सप्ताह" का हिस्सा था। इसी सप्ताह में पार्टी "वोट बचाओ - देश बचाओ" नाम से जनआंदोलन चला रही है। शहर के इतिहास से जुड़े गांधी चौक से निकले इस पैदल मोर्चे में धानोरकर के साथ पूर्व विधायक और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुभाषभाऊ धोटे तथा शहर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष शिवा राव पोलशेट्टी भी सबसे आगे चले। जिले भर के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी तादाद में जुटे थे।

जिलाधिकारी दफ्तर के सामने जनसभा हुई। वहां जुटे लोगों से बात करते हुए धानोरकर ने कहा, "'वोट बचाओ - देश बचाओ' सिर्फ एक नारा नहीं है", यह आज के हालात में लोकतंत्र को बचाने की उस लड़ाई का नाम है जो सबने मिलकर छेड़ी है। उनका कहना था कि लोकतंत्र का मतलब केवल चुनाव कराना नहीं है, यह नागरिकों के हक और संविधान के मूल्यों से बंधी पूरी व्यवस्था है। मतदाता का अधिकार महफूज रहे, चुनाव की प्रक्रिया साफ दिखे और संविधान से मिली लोकतांत्रिक कद्रों की रखवाली हो, यह जिम्मेदारी हर किसी की है।

धानोरकर ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार की मनमानी और तानाशाही प्रवृत्ति की वजह से आज पूरे देश में अराजकता फैल गई है।" उनके मुताबिक "चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता खत्म हो चुकी है" और नागरिकों को संविधान से मिले बुनियादी अधिकार खतरे में पड़ गए हैं। इस हालत और पारदर्शिता की कमी के लिए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता कायम रखने के लिए ज्ञानेश कुमार का हटना बेहद जरूरी है। धानोरकर ने साफ किया कि जब तक वे इस्तीफा नहीं देते, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी, आवाज उठती रहेगी और संघर्ष और तेज होगा।

सभा में सुभाषभाऊ धोटे ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए पार्टी के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी, कांग्रेस पार्टी और "इंडिया" गठबंधन जनता के सवालों पर लगातार बोल रहे हैं। धोटे ने यह भी जोड़ा कि आम नागरिकों को भी अपने हक के प्रति सजग रहना होगा।

सभा खत्म होने पर धानोरकर की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलने गया। प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के साथ कई और अहम मांगें रखी गई हैं।

आंदोलन में कई जनप्रतिनिधि और नेता शामिल हुए। विधायक एड. अभिजीत वंजारी पहुंचे थे। पूर्व जिलाध्यक्ष विनायक बांगडे के साथ संतोष लहामगे, विनोद दत्तात्रय और सुभाषसिंग गौर भी दिखे। गढ़चिरौली कांग्रेस के जिलाध्यक्ष महेंद्र ब्राम्हणवाडे, शहर जिलाध्यक्ष राजेश अडुर और युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शंतनू धोटे भी मौजूद रहे। महिला कांग्रेस की ओर से जिलाध्यक्ष कुंदाताई जेनेकर और शहर अध्यक्ष चांदाताई वैरागडे ने हिस्सा लिया।

नगर की राजनीति से जुड़े चेहरों में नगराध्यक्ष अरुण धोटे, नगराध्यक्ष दिप्ती सोनटक्के, पूर्व महापौर संगीता अमृतकर और दल नेता सुरेंद्र अडबाले शामिल थे। इसके अलावा प्रमोद बोरीकर, दिपक वाढई, उमाकांत धांडे, सपना मोरे, पवन भगत और सुनीता गोवर्धन भी आए। राजु रेड्डी, दिनेश चोखारे, तालुकाध्यक्ष विजय गावंडे, प्रमोद चौधरी, अनिल नरुले, रंजन लांडे और गोविंदा उपरे की मौजूदगी भी रही। शहराध्यक्ष अब्दुल करीम शेख और निर्मला कुडमेथे के साथ युवक कांग्रेस के सौरभ टिपले, नरेश गुलप्ल्ली, मंगेश बावणे, अभिजीत गोंगले और आशिष बोंडे भी जुलूस में शरीक हुए। कांग्रेस के बाकी प्रमुख पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की भारी भीड़ भी इस मौके पर जमा थी।

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