SIR के खिलाफ मनसे उतरेगी सड़क पर, पूरे महाराष्ट्र में सोमवार से दस्तखत अभियान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने SIR के विरोध में राज्यभर में दस्तखत अभियान का ऐलान किया है।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में विरोध का माहौल दिख रहा है। अब इस मांग में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी मनसे भी शामिल हो गई है। पार्टी ने ऐलान किया है कि वह SIR के विरोध में पूरे राज्य में दस्तखत अभियान चलाएगी।
दिल्ली में इससे पहले AISF ने बड़ा प्रदर्शन किया था। उसके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया आघाड़ी के सांसदों ने भी दिल्ली में प्रदर्शन किया। आज यानी 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जंतर मंतर पर आंदोलन होना है। लेकिन उससे पहले ही दिल्ली पुलिस ने अभिजित दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया।
इसी बीच मनसे नेता संदीप देशपांडे ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "सोमवार को जगह-जगह दस्तखत अभियान चला रहे हैं। अगला हफ्ता महाराष्ट्र की जनता सड़क पर उतरी हुई दिखेगी। इसके लिए हमें जेल में डालो, जो करना है करो। आज अगर आवाज नहीं उठाई, तो अगली पीढ़ी पूछेगी कि जब लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा था, तब आप कहां थे?"
देशपांडे ने साफ किया कि यह अभियान सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में चलाया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि लोकतंत्र को बचाने के लिए चल रहे इस आंदोलन में वे हिस्सा लें।
देशपांडे ने अभिजीत दीपके का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के आंदोलन से पहले दीपके को विमान में ही गिरफ्तार कर लिया गया। उनके शब्द थे, "अभिजित दीपके ने क्या किया है? मर्डर, रेप क्या किया है? कितने दिन रखेंगे? आज आवाज दबाओगे, कल फिर आवाज उठाएंगे। कितने दिन आवाज दबाओगे?" देशपांडे ने यह भी कहा कि सरकार और पुलिस को जो करना है करें, लेकिन मनसे अपनी भूमिका नहीं छोड़ेगी।
मनसे नेता नितीन सरदेसाई ने SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने यह सब सत्ताधारी पार्टी की मदद के लिए किया है। सरदेसाई ने कहा कि इस प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, और इसी सिलसिले में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की भूमिका का भी जिक्र किया।
सरदेसाई के मुताबिक मनसे ने पहले गर्जना मोर्चा निकाला था, लेकिन उसके बाद भी आंदोलन रुका नहीं है। सोमवार का दस्तखत अभियान इसका पहला चरण होगा। आगे के आंदोलन की दिशा दशहरे तक साफ कर दी जाएगी, ऐसा उन्होंने बताया।
एक तरफ कांग्रेस SIR के खिलाफ सड़क पर उतर चुकी है, तो दूसरी तरफ मनसे ने भी आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। इसलिए आने वाले हफ्ते में महाराष्ट्र का सियासी माहौल और गरमाने की संभावना है।