ममता बनर्जी का दावा: दिल्ली पुलिस ने दो घंटे प्रिज़न वैन में घुमाया, थाने में धरना
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें और सांसदों को किडनैप कर दो घंटे प्रिज़न वैन में घुमाया गया। द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन में उन्होंने धरना शुरू किया।
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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उनका और उनके साथ मौजूद सांसदों का अपहरण किया और करीब दो घंटे तक प्रिज़न वैन में घुमाया। इसके बाद उन्हें द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां उन्होंने धरना आंदोलन शुरू कर दिया।
ममता बनर्जी के मुताबिक, वे जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रही थीं, तभी पुलिस ने उन्हें रोका और हिरासत में ले लिया। यह आरोप उन्होंने खुद लगाया है। उन्होंने बताया कि थाने में उनके साथ सांसद धरने पर बैठे हैं। एक जगह उन्होंने पांच सांसदों का ज़िक्र किया, जबकि अपनी पोस्ट के अंग्रेज़ी मजमून में उन्होंने चार सांसदों की बात लिखी है।
ममता बनर्जी ने अपनी पोस्ट में लिखा, "शाम के 4 बजे हैं। हमें जिस द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन में लाया गया है, वहां हमने अपने 4 सांसदों के साथ धरना शुरू कर दिया है। हमें किडनैप करके ले जाया गया और दो घंटे तक एक पुलिस वैन में घुमाया गया। मैं आज रात कोलकाता नहीं लौटूंगी। आज युवाओं और दूसरों के खिलाफ जो कुछ हो रहा है, उसके विरोध में मैं सोमवार को होने वाले I.N.D.I.A गठबंधन के मोर्चे में शामिल होऊंगी।"
इस कार्रवाई को लेकर ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों, किसानों और महिलाओं से जुड़े आंदोलनों को दबाया जा रहा है और इसी आधार पर उन्होंने सरकार के रुख पर सवाल उठाए। सुपर इमरजेंसी जैसा शब्द भी इसी संदर्भ में उनकी ओर से आया।
ममता बनर्जी ने कहा कि वे शनिवार रात कोलकाता नहीं लौटेंगी और पुलिस स्टेशन में ही धरना जारी रखेंगी। उन्होंने आंदोलन के दौरान पानी तक न पीने का इरादा जताया। उनका कहना था कि ज़रूरत पड़ी तो वे 48 से 72 घंटे तक धरना जारी रखने को तैयार हैं।
पूरा मामला कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के आंदोलन से जुड़ा है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने यह कहकर एहतियाती कार्रवाई शुरू की कि आंदोलन की इजाज़त नहीं है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे करीब 1,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी आरोप लगाया है कि एयरपोर्ट पर पुलिस ने उन्हें और उनके साथियों को हिरासत में ले लिया।
दिल्ली की इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। प्रदर्शन के अधिकार और पुलिस की कार्रवाई के सवाल पर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।