मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
17:26 IST

SIR प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, सपकाल और वडेट्टीवार ने उठाए सवाल

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद कांग्रेस नेताओं हर्षवर्धन सपकाल और विजय वडेट्टीवार ने SIR प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

SIR प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, सपकाल और वडेट्टीवार ने उठाए सवाल
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

सुप्रीम कोर्ट ने आज चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इसके बाद महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने SIR प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए हैं। दोनों नेताओं ने इस प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, "मेरा सवाल बिल्कुल साफ है। जिन बदलावों की चर्चा हो रही है, उन पर हमें कोई असहमति नहीं है। लेकिन इससे यह सवाल और गंभीर हो जाता है कि क्या SIR की पूरी प्रक्रिया गलत तरीके से चलाई गई थी? अगर SIR प्रक्रिया में ही गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं, तो बिहार समेत देश के दूसरे हिस्सों में इस दौरान आखिर क्या हुआ, इसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच क्यों न हो?"

सपकाल ने मांग की कि महाराष्ट्र समेत जिन-जिन राज्यों में SIR प्रक्रिया चलाई गई, उसकी पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी तरीके से समीक्षा और जांच हो। उनके मुताबिक किसी भी नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित रखना लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में यह साबित हो जाए कि नागरिकों को जानबूझकर उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित रखा गया, तो जिम्मेदार अधिकारियों या लोगों पर कानून के हिसाब से कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। सपकाल ने यह भी कहा, "हमारी आखिरी मांग साफ है कि पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो और दोषी पाए जाने वालों पर बिना किसी देरी के कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाए।"

विजय वडेट्टीवार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को नोटिस भेजना बहुत गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल किया, "SIR प्रक्रिया पर फैसले एकतरफा लिए गए क्या? चुनाव आयोग के सभी सदस्यों की सहमति थी क्या? फैसले बहुमत से हुए या सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त के स्तर पर हुए?" वडेट्टीवार के मुताबिक इसकी पूरी जानकारी सुप्रीम कोर्ट ने मांगी है। उनका सीधा सवाल था कि इस देश के नागरिकों के मताधिकार पर फैसला लेने का अधिकार किसने दिया।

वडेट्टीवार ने यह भी कहा कि 18 साल पूरे कर चुके नागरिक को मतदाता के तौर पर अपना अधिकार निभाने का मौका मिलना चाहिए। अगर किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाया जा रहा है, तो उसके पीछे की प्रक्रिया पारदर्शी और कानूनी होनी ही चाहिए।

उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर अगर किसी भी पात्र मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित रखा गया है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसके लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। वडेट्टीवार का कहना था कि पिछले कुछ समय से विपक्ष चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठा रहा है और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी संबंधित फैसले की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। इसलिए उनके अनुसार यह मामला सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नहीं रहा, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के मताधिकार से जुड़ा गंभीर संवैधानिक सवाल बन गया है।

वडेट्टीवार ने कहा, "हमारी मांग साफ है कि SIR प्रक्रिया की पूरी और निष्पक्ष जांच हो, मतदाताओं के नाम हटाने के कारण सार्वजनिक किए जाएं, और अगर जांच में किसी अधिकारी का कानून तोड़ना साबित हो, तो उस पर कानून के हिसाब से सख्त कार्रवाई हो।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर साबित हुआ कि इस प्रक्रिया में नागरिकों के मताधिकार से खिलवाड़ हुआ, तो संबंधित लोग नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद पर रहने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं, यह रुख कांग्रेस मजबूती से रखेगी।

वडेट्टीवार ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सबसे बड़ा है और उसका अधिकार कोई भी मनमाने तरीके से नहीं छीन सकता। उन्होंने कहा, "अब इस सरकार को खुद बाहर चले जाना चाहिए, वरना लोग इन्हें लात मारेंगे।" उनके मुताबिक कांग्रेस का रुख यह है कि अब पार्टी का आंदोलन तेज होगा।

अभी कोई अपडेट नहीं

खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे