चुनाव आयोग के खिलाफ मुंबई में राज और उद्धव ठाकरे का साझा मोर्चा आज
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे चुनाव आयोग के कामकाज के खिलाफ आज मुंबई में साथ सड़क पर उतरेंगे। कांग्रेस, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस और डावे पक्ष मोर्चे के साथ हैं।
मुंबई में आज सियासी माहौल गरम रहने वाला है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे और शिवसेना ठाकरे गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे चुनाव आयोग के कामकाज के खिलाफ एक साथ सड़क पर उतरेंगे। इसके लिए 'गर्जना लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए' नाम से बड़े मोर्चे का आयोजन किया गया है, और पूरे राज्य की नजर इस पर है।
ठाकरे बंधुओं की अगुवाई में निकलने वाला यह मोर्चा सुबह 10 बजे शुरू होगा। मोर्चा मेट्रो सिनेमा से चलेगा और मुंबई महापालिका के मुख्यालय तक जाएगा। मोर्चे के बाद प्रमुख नेता कार्यकर्ताओं और वहां मौजूद लोगों को संबोधित करेंगे। राजनीतिक गलियारों में इस पर नजर है कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे इस मौके पर क्या रुख रखते हैं।
चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विरोधी दलों ने जो सवाल उठाए हैं, उनकी पृष्ठभूमि में इस मोर्चे को अहम माना जा रहा है। मतदाता सूची, चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और आयोग के कामकाज पर विपक्ष लगातार आपत्तियां उठाता आया है।
राज्य के कई विपक्षी दलों ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है। कांग्रेस, शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस और राज्य के वाम दलों ने ठाकरे बंधुओं के मोर्चे का साथ दिया है। इसलिए मोर्चे में भारी भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है।
एक खास बात यह है कि मोर्चे में किसी भी राजनीतिक पार्टी का झंडा न लाने की अपील की गई है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की तरफ से अपील की गई है कि हिस्सा लेने वाले हर किसी के हाथ में सिर्फ तिरंगा हो।
राज ठाकरे ने मोर्चे के पीछे की भूमिका समझाते हुए कहा है कि आंदोलन में दलीय राजनीति की कोई जगह नहीं है। उन्होंने साफ किया कि यह मोर्चा चुनाव आयोग के पिछले कुछ सालों के कामकाज के खिलाफ है। राज ठाकरे ने यह भी कहा कि मोर्चे के लिए सभी राजनीतिक दलों को बुलाया जाएगा। उनके मुताबिक सत्ताधारी दल का कोई व्यक्ति मंच पर आना चाहे, तो उसका भी स्वागत है।
राज ठाकरे ने कहा है कि मोर्चे का मुख्य मुद्दा लोकतंत्र और संविधान की रक्षा है। इसी वजह से अपील की गई है कि कोई भी पार्टी का झंडा लिए बिना सब लोग तिरंगा हाथ में लेकर शामिल हों।
इस बीच, भाजपा की तरफ से आरोप लगाया जा रहा है कि विपक्ष चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ना चाहता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राज ठाकरे ने 'जो खाए, उसी को खुजली होती है' कहावत का जिक्र किया और मजाकिया लहजे में भाजपा पर निशाना साधा।
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की साझा अगुवाई में होने वाले इस मोर्चे से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ठाकरे बंधुओं की एकजुटता की चर्चा शुरू हो गई है। राज ठाकरे ने आज के मोर्चे के बाद अगले आंदोलन की दिशा को लेकर भी संकेत दिए हैं। इसलिए सबकी नजर इस पर है कि मोर्चे के भाषणों में कौन से राजनीतिक मुद्दे सामने आते हैं और ठाकरे बंधु आगे की क्या रणनीति घोषित करते हैं।
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