खर्गे बोले, "घबराया हुआ आदमी आज नहीं तो कल मरेगा"; दिल्ली मेट्रो-रेल पाबंदियों पर सरकार को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद रखने और रेल सेवाएं रद्द करने पर केंद्र सरकार की आलोचना की। इंडिया गठबंधन के नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने वाले हैं।
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नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश भर में विरोध की आवाजें उठ रही हैं। राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से AISF और इंडिया गठबंधन की तरफ से जोरदार आंदोलन चल रहा है। इसी बीच कल, शनिवार 10 अक्टूबर को कॉक्रोच जनता पार्टी भी जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाली है। उससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खर्गे और ममता बनर्जी समेत इंडिया गठबंधन का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेगा। इससे पहले मीडिया से बात करते हुए खर्गे ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद रखने और रेल सेवाएं रद्द किए जाने के मुद्दे पर खर्गे ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, "वे डरे हुए हैं। घबराया हुआ आदमी आज नहीं तो कल मरेगा।" खर्गे ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष की कई चिंताएं हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए खर्गे ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया की कथित गलतियों को सुधारने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने दावा किया कि दूसरे चुनाव आयुक्त भी इन मुद्दों पर कई बार पत्र लिख चुके हैं। खर्गे के मुताबिक राहुल गांधी ने 'वोट चोरी' और ईवीएम में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया है, और विपक्ष यह विषय कई दिनों से रखता आ रहा है।
इंडिया गठबंधन के सांसद संसद के सेंट्रल हॉल में इकट्ठा हुए थे। विपक्ष की मंशा है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतें और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर अपनी चिंताएं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने रखी जाएं।
कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने साफ किया कि आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि चर्चा के बाद आगे के आंदोलन की दिशा घोषित की जाएगी।
दिल्ली में आंदोलन की पृष्ठभूमि में आम नागरिकों के सफर पर असर डालने वाली पाबंदियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। अदालत ने प्रशासन से पाबंदियों पर दोबारा विचार करने को कहा और कहा कि मेट्रो और रेल सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं की जा सकतीं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि इस सुनवाई का मुख्य जोर आम नागरिकों की आवाजाही और सार्वजनिक परिवहन पर पड़ने वाले असर पर है, आंदोलन करने के व्यापक अधिकार पर नहीं। एक तरफ चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष आक्रामक है, तो दूसरी तरफ दिल्ली में ट्रैफिक पाबंदियों और लोगों के रोजमर्रा के सफर का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है।
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