जंतरमंतर जा रहे राहुल गांधी हिरासत में, हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार से कहा: हिसाब होगा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में कांग्रेस और INDIA गठबंधन का आंदोलन, राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन का आक्रामक रुख बना हुआ है। इसी मांग को लेकर दिल्ली के जंतरमंतर मैदान पर आंदोलन करने के लिए कांग्रेस के सांसद और INDIA गठबंधन के करीब 200 सांसद निकले थे। लेकिन जंतरमंतर से सिर्फ 100 मीटर पहले पुलिस ने उनकी बसें रोक दीं।
इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे के निवास पर INDIA गठबंधन के सांसदों के लिए स्नेहभोज रखा गया था। उसके बाद ये सांसद तीन बसों में बैठकर जंतरमंतर की ओर रवाना हुए। जंतरमंतर मैदान से करीब 100 मीटर की दूरी पर ही पुलिस ने इन बसों को रोक लिया।
इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी आंदोलन के लिए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी उसी जगह धरने पर बैठ गए। प्रियंका गांधी ने भी पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए सड़क पर धरना दिया। राहुल गांधी और दूसरे नेताओं की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि पुलिस ने उनके और बाकी सांसदों के साथ मारपीट की।
राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट करके लिखा, "याद रखना, हिसाब होगा...!" और इस तरह सरकार को सीधे चेतावनी दी।
सपकाल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि INDIA गठबंधन जंतर-मंतर पर है और "वोट चोर" ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही पड़ेगा। उन्होंने देश में लोकतंत्र की हत्या होने का आरोप लगाया और कहा कि राहुल गांधी की आवाज दबाई नहीं जा सकती। सपकाल ने यह चेतावनी भी दी कि संघर्ष अब और तेज होगा।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग अब और गरमाने की संभावना है। कल भी राहुल गांधी समेत कई सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसलिए कांग्रेस और सरकार के बीच यह टकराव आने वाले कुछ दिनों में और बढ़ने के आसार हैं।
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