चंद्रपुर के 12 सूखाग्रस्त तालुकों में 10 अक्टूबर तक पूरे हों सभी पंचनामे: जिलाधिकारी पंत
जिलाधिकारी वसुमना पंत ने 12 सूखाग्रस्त तालुकों के 1,579 गांवों में पंचनामे 10 अक्टूबर तक पूरे करने के निर्देश दिए।
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चंद्रपुर जिले में सूखे से हुए नुकसान के पंचनामे 10 अक्टूबर तक हर हाल में पूरे करने होंगे। जिलाधिकारी वसुमना पंत ने अफसरों को साफ निर्देश दिए हैं। कम बारिश और बारिश में लंबे खंड की वजह से जिले के 12 तालुके सूखाग्रस्त घोषित किए जा चुके हैं।
इन तालुकों के 1,579 गांवों में पंचनामे की प्रक्रिया चल रही है। अभी तक 50 से 60 प्रतिशत पंचनामे पूरे हो चुके हैं। जिलाधिकारी कार्यालय में सूखा राहत को लेकर बुलाई गई समीक्षा बैठक में पंत ने कहा कि इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पंत ने कहा कि नुकसान वाली खेती के पंचनामे को प्रशासन पूरी गंभीरता से ले। हर तहसीलदार रोज शाम को पंचनामे के काम की समीक्षा करे। कितने क्षेत्र के और कितने खातेदारों के पंचनामे हुए, इसकी ताजा जानकारी गूगल शीट में नियमित दर्ज की जाए।
राज्य सरकार की तरफ से पंचनामे के काम की नियमित समीक्षा हो रही है, इसलिए सभी पंचनामे 10 अक्टूबर तक पूरे करने को कहा गया है। तालुका और गांव स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच ठीक तालमेल रखना होगा। पंचनामे में कोई कमी न रहे, इसके लिए तहसीलदार समय-समय पर खेतों में जाकर काम की जांच करें और पंचनामे में भरी गई जानकारी की दोबारा तस्दीक करें। हर पंचनामे पर संबंधित किसान के दस्तखत लेना जरूरी है। पूरे हो चुके पंचनामों की सूची चौपाल और ग्राम पंचायत स्तर पर लगाई जाए।
पानी की कमी की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी पंत ने कहा कि अभी जो जलस्रोत उपलब्ध हैं, उन्हें पहले पीने के पानी के लिए रिजर्व रखना जरूरी है। रिजर्व जलस्रोतों से कोई गैरकानूनी तरीके से पानी खींचता मिले तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाए। अभी पानी है, फिर भी आने वाली गर्मी और अगली बारिश तक पानी सप्लाई का सही प्लान बनाना जरूरी है। इसके लिए हर तालुका उपलब्ध जल भंडार और संभावित मांग को देखकर अभी से नियोजन करे।
पंत ने रोजगार हमी योजना के जरिए गांवों में जलतारा और जलसंधारण के ज्यादा से ज्यादा काम हाथ में लेने को कहा। संबंधित विभाग इन कामों का तय लक्ष्य रखकर तुरंत अमल शुरू करें। सूखाग्रस्त इलाकों के किसानों से कर्जवसूली को लेकर किसी भी बैंक की शिकायत न आए, इसका ध्यान बैंक रखें। साथ ही जिले में अभी कितना चारा उपलब्ध है, इसकी तालुकावार जानकारी पशुसंवर्धन विभाग तुरंत पेश करे।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह, निवासी उपजिलाधिकारी दगडू कुंभार, उपजिलाधिकारी (रोहयो) शुभम दांडेकर, महावितरण के अधीक्षक अभियंता मनोज दाभर्डे, जिला पुरवठा अधिकारी राहुल बहादुरकर, सहायक आयुक्त पशुसंवर्धन डॉ. सुरेश कुंबरे, भूजल वैज्ञानिक लीना बाराहाते और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सलीम शेख मौजूद थे। सभी उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, गटविकास अधिकारी और तालुका कृषि अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े।