दौंड के राजेगाव और आसपास के गांवों में खेतों पर पहुंची टीम, सूखे से फसल नुकसान का पंचनामा शुरू
सरकार के सूखे जैसी स्थिति घोषित करने के बाद राजस्व, कृषि और ग्रामविकास विभाग की संयुक्त टीम खेतों में जाकर फसलों के नुकसान की जांच कर रही है।
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दौंड तालुका के राजेगाव, मलठण, वाटलूज, नायगाव, खानोटा और आसपास के इलाके में सरकार ने सूखे जैसी स्थिति घोषित की है। इसके बाद प्रशासन ने फौरन कदम उठाए हैं। फसलों के नुकसान का सही और हकीकत के मुताबिक पंचनामा करने के लिए राजस्व, कृषि और ग्रामविकास विभाग की संयुक्त टीम सीधे किसानों के खेतों की मेड़ पर पहुंचकर मुआयना कर रही है। प्रशासन की इस तेजी से सूखे की मार झेल रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है।
इस पंचनामे के लिए जो टीम बनाई गई है, उसकी प्रमुख और राजस्व अधिकारी निकिता गायकवाड हैं। टीम में सहायक कृषि अधिकारी रवी तपकीर, ग्रामविकास राजस्व अधिकारी नवनाथ चव्हाण और राजस्व अधिकारी शशिकांत सोनावणे भी शामिल हैं। दफ्तर में बैठकर सिर्फ कागजों पर पंचनामा करने के बजाय टीम खुद खेतों की कीचड़ और मिट्टी में उतरी और हर फसल की मौजूदा हालत देखी। कुओं और बोरवेल के पानी के स्तर में आई गिरावट, पानी की भारी कमी और सूख चुकी फसलों का ब्योरा भी इस दौरान दर्ज किया गया।
सूखे से फसलें झुलस गईं
इस सीजन में बारिश की भारी अनियमितता और सूखे जैसे हालात की वजह से राजेगाव इलाके में हाथ में आई फसलें जलकर खाक हो गई हैं। बारिश पर निर्भर खेती के साथ बागायती फसलों को भी बड़ा झटका लगा है। ऐसे में सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद के लिए सही पंचनामे होना बहुत जरूरी था। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने भरोसा जताया कि कोई भी प्रभावित किसान सरकारी मदद से वंचित नहीं रहेगा और ये पंचनामे पूरी पारदर्शिता के साथ पूरे किए जा रहे हैं।
किसानों की तारीफ, मुआवजे का इंतजार
प्रशासन के इस पारदर्शी और तेज कामकाज की राजेगाव और आसपास के गांववाले और किसान काफी तारीफ कर रहे हैं। अब इलाके के किसान मांग कर रहे हैं कि नुकसान की यह वस्तुनिष्ठ रिपोर्ट जल्द से जल्द वरिष्ठ स्तर पर भेजी जाए और सरकार तुरंत आर्थिक मुआवजा उनके खातों में डाले।
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