शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
03:10 IST

वर्धा की आठों तहसीलें सूखा ट्रिगर-2 की सूची में, पानी की किल्लत बढ़ने का डर

वर्धा जिले में इस साल मानसून में 36.92 फीसदी कम बारिश हुई। राज्य सरकार की सूखा ट्रिगर-2 सूची में जिले की सभी आठ तहसीलें शामिल हैं।

वर्धा की आठों तहसीलें सूखा ट्रिगर-2 की सूची में, पानी की किल्लत बढ़ने का डर तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

वर्धा जिले पर सूखे का साया और गहरा हो गया है। राज्य सरकार ने बुधवार को सूखा ट्रिगर-2 वाली तहसीलों की सूची जारी की, जिसमें वर्धा जिले की आठों तहसीलें शामिल हैं। इनमें वर्धा, देवळी, सेलू, समुद्रपुर, हिंगणघाट, आर्वी, आष्टी और कारंजा आते हैं।

इससे पहले पिछले महीने सरकार ने सूखा ट्रिगर-1 वाली तहसीलों की सूची निकाली थी। उसमें जिले की सात तहसीलें थीं और कारंजा तहसील को बाहर रखा गया था। अब ट्रिगर-2 की सूची में कारंजा समेत सभी आठ तहसीलें आ गई हैं। यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में जिले में पानी का सवाल गंभीर होना लगभग तय है।

आंकड़े देखें तो वर्धा जिले में जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर, इन चार महीनों में औसतन 874.05 मिमी बारिश होती है। इस साल इसी दौरान सिर्फ 558.03 मिमी बारिश हुई। यानी बारिश में पूरे 36.92 फीसदी की कमी रही। मानसून में सुपर अल-निनो के असर से बारिश में लंबा गैप भी बना रहा। अक्टूबर के 13 दिन बीत जाने के बाद भी बारिश का गैप जारी है।

कम बारिश और लंबे गैप की वजह से जिले के जलाशयों में उपयोगी पानी नाम मात्र का ही बचा है। बढ़ते तापमान के कारण जमीन के नीचे के पानी का स्तर भी तेजी से नीचे जा रहा है। पानी के बिना फसलें मुरझा रही हैं। आगे चलकर जिले को चारे और पानी की किल्लत की आंच झेलनी पड़ेगी।

जानकारों के मुताबिक आने वाले समय में अल-निनो का असर और बढ़ने की संभावना है और भूजल स्तर और नीचे जाएगा। इसलिए किसानों के साथ आम नागरिकों को भी अभी से उपलब्ध पानी का किफायत से इस्तेमाल करना होगा, तभी आगे के जल संकट का सामना किया जा सकेगा।

जिला प्रशासन की तरफ से आने वाली सूखे की स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग उपायों की योजना बनाई जा रही है। चारे और पानी की किल्लत जिस तरह गांव और शहर के लोगों को परेशान करेगी, उसी तरह जंगल वाले इलाकों के प्राकृतिक जलस्रोत भी सूख जाएंगे और शाकाहारी जानवरों का खाना भी लगभग खत्म हो जाएगा। इसलिए वन्यजीव प्रेमियों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन सूखे से निपटते समय जंगल में जानवरों के लिए पानी और चारे का इंतजाम भी करे।

अभी कोई अपडेट नहीं

खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे