सूखाग्रस्त इलाकों के विद्यार्थियों से नहीं लगेगी परीक्षा फीस, पाटिल के निर्देश
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने सूखाग्रस्त क्षेत्रों के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ करने का फैसला किया है। जिनसे फीस ली जा चुकी है, उन्हें रकम तत्काल लौटानी होगी।
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महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त क्षेत्रों के विद्यार्थियों को राहत देने के लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने अहम फैसला लिया है। इन इलाकों के विद्यार्थियों से अब परीक्षा फीस नहीं ली जाएगी।
यह निर्देश उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने दिए। मुंबई के सह्याद्री अतिथिगृह में उनकी अध्यक्षता में राज्य के सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों के साथ ऑनलाइन बैठक हुई। उसी बैठक में यह बात रखी गई।
बैठक में सूखाग्रस्त क्षेत्रों के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस के अलावा पेपर लीक रोकने के उपाय, नतीजों में एकरूपता, शैक्षणिक समय सारिणी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के क्रियान्वयन और विद्यार्थी चुनाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
पाटिल ने कहा कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन आने वाले सभी कॉलेज विद्यार्थियों से परीक्षा फीस न लें। इसमें इंजीनियरिंग, कला और दूसरे कॉलेज भी शामिल हैं।
जिन विद्यार्थियों से पहले ही परीक्षा फीस ली जा चुकी है, उन्हें रकम तत्काल वापस करनी होगी। उपकुलपतियों और अधिकारियों से कहा गया है कि विश्वविद्यालय यह पक्का करें कि सूखाग्रस्त क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इस फैसले का पूरा फायदा मिले। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। फीस वसूलने वाले कॉलेजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच राज्य के अलग-अलग विश्वविद्यालयों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और हॉस्टलों की हालत का जायजा लेंगे। एक दिन विश्वविद्यालय के कामकाज की समीक्षा होगी।
इसके बाद मंत्री रात में विद्यार्थियों के साथ हॉस्टल में ठहरेंगे और रहने की व्यवस्था, खाना, साफ-सफाई, पीने के पानी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण करेंगे।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि राज्य के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी चुनाव की प्रक्रिया दिवाली के बाद आगे बढ़ाई जाए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे सोच-विचार कर बताएं कि विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी चुनाव किस तरीके से कराए जा सकते हैं और इस पर अंतिम रिपोर्ट पेश करें।
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