मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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21:31 IST

दिवाली से पहले सूखा पीड़ित किसानों को मदद पहुंचाएं, राजस्व मंत्री बावनकुले के निर्देश

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सूखे की स्थिति की समीक्षा हुई।

दिवाली से पहले सूखा पीड़ित किसानों को मदद पहुंचाएं, राजस्व मंत्री बावनकुले के निर्देश
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

राज्य के सूखाग्रस्त इलाकों में अभी पंचनामे चल रहे हैं। राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा है कि फसल बीमा योजना के तहत आने वाले किसानों को महाराष्ट्र सरकार मदद देगी और यह मदद दिवाली से पहले किसानों तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि केंद्र की सूखा निरीक्षण टीम पूरे राज्य में दौरा करेगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में सूखे के उपायों, उपलब्ध पानी के भंडार और फसल-पानी की हालत की समीक्षा की गई। बैठक में किसानों और खेत मजदूरों को केंद्र में रखकर अलग-अलग उपायों पर चर्चा हुई। समिति के सदस्य मंत्री पंकजा मुंडे, दत्तात्रय भरणे, मकरंद पाटील, नितेश राणे, गुलाबराव पाटील, संजय राठोड, जयकुमार गोरे, प्रताप सरनाईक, गिरीश महाजन, बाबासाहेब पाटील और मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल के साथ संबंधित विभागों के अफसर भी मौजूद थे।

बैठक में बावनकुले ने कहा कि राष्ट्रीयकृत और प्राइवेट बैंक तथा प्राइवेट वित्तीय संस्थाएं किसी भी किसान से संपर्क न करें। उन्होंने आदेश दिया कि जो भी किसानों को परेशान करेगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। रिजर्व बैंक के अफसरों से बात करके उनके जरिए बैंकों को सूचना दी जाए, और कलेक्टर की अध्यक्षता में बैंकों की जिला स्तर की बैठकें ली जाएं, ऐसे आदेश भी दिए गए।

जिन किसानों की ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई या अटकी हुई है, उन्हें फसल कर्ज जल्दी मिल सके, इसके लिए उनकी ई-केवाईसी पूरी की जाएगी। जो किसान एग्रीस्टैक पर दर्ज नहीं हैं, उनका रजिस्ट्रेशन करके उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का फायदा दिलाया जाएगा। डिजिटल फसल सर्वे और ऑनलाइन दिक्कतें दूर करने का काम भी शुरू करने को कहा गया है।

बंद पड़ी पानी सप्लाई योजनाओं को फिर शुरू करने और जमीन में ज्यादा पानी पहुंचाने के लिए रिचार्ज शाफ्ट योजना पर जोर देने की बात हुई। निर्माण कामों में पीने का साफ पानी न लगाकर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का साफ किया हुआ पानी इस्तेमाल होगा, और इसका सरकारी आदेश जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। जल संपदा विभाग ने उपलब्ध पानी का किफायती इस्तेमाल और नियोजन करने के लिए सरकारी आदेश जारी कर दिया है। हर जिले की हालत अलग होने से पालक मंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तर की पानी उपयोग निगरानी समिति बनाई जाएगी।

चारे के लिए वन विभाग की खाली जमीन, तालाबों के आसपास और जल संपदा विभाग के तालाबों से सटी सरकारी जमीन पर घास का इलाका बनाकर चारा बैंक खड़े किए जाएंगे। विदर्भ समेत धान वाले इलाकों में धान की पराली जलाने के बजाय जमा करके चारे में इस्तेमाल की जाए। बावनकुले ने कहा कि दूसरे राज्यों से चारा लाने के बजाय राज्य के अपने स्रोतों से ज्यादा से ज्यादा चारा बनाने पर जोर रहेगा।

बावनकुले के मुताबिक जमीन में नमी और सीमित पानी वाले इलाकों में रबी सीजन में चना और ज्वार को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ज्वार की सौ प्रतिशत खरीद को मंजूरी दी है, इससे किसानों को राहत मिलेगी।

सूखे के उपायों के लिए पहले 265 तालुका घोषित किए गए थे। पहले छूटे 19 तालुका जोड़कर वहां 20 प्रतिशत फसल सर्वे का फैसला हुआ है। कुछ और तालुका जोड़ने की मांगों की शुरुआती जांच के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं। उनकी रिपोर्ट आने पर कैबिनेट उपसमिति तय करेगी, ऐसा बावनकुले ने कहा।

जहां पानी है, वहां चारा बैंक बनाए जाएंगे। इसके लिए राज्य की अलग-अलग कंपनियों से सीएसआर के जरिए मदद ली जाएगी। बावनकुले ने सभी तालुकाओं को बराबर न्याय देने के लिए ज्यादा से ज्यादा कंपनियों से सीएसआर में मदद की अपील की है। उन्होंने यह भी बताया कि जिला नियोजन समिति के फंड से सीमेंट सड़कों के काम नहीं लिए जाएंगे। गांव और शहरों के बुनियादी काम और सूखे के उपायों को प्राथमिकता मिलेगी। विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों को अपने फंड से 25 लाख रुपये तक के काम सूखे के उपायों के लिए लेने की छूट दी गई है, और इसका सरकारी आदेश जारी हो चुका है, यह जानकारी भी बावनकुले ने दी।

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