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06:54 IST

वडेट्टीवार बोले, होली तक गिर जाएगी महायुति सरकार; किसानों की मदद पर भी सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में महायुति सरकार, किसानों की मदद, सूखे और शरद पोंक्षे पर कई बातें कहीं।

वडेट्टीवार बोले, होली तक गिर जाएगी महायुति सरकार; किसानों की मदद पर भी सरकार को घेरा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में बोलते हुए कहा कि आने वाली होली तक महायुति की यह सरकार होली की तरह जलती और खत्म होती दिखेगी। उनका कहना है कि सरकार में शामिल लोग आपस में जमकर लड़ रहे हैं, शिकायतें हाईकमांड तक पहुंच रही हैं और फाइलें रोकी जा रही हैं। वडेट्टीवार के मुताबिक सिर्फ झगड़ा चल रहा है, जनता के काम नहीं हो रहे, और इस झगड़े का खामियाजा महाराष्ट्र की जनता भुगत रही है।

आंदोलन को लेकर कांग्रेस की भूमिका पूछे जाने पर वडेट्टीवार ने कहा कि जो भी मोदी के खिलाफ आंदोलन करेगा और चोर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन करेगा, उन सबको कांग्रेस का समर्थन रहेगा।

किसानों के मुद्दे पर वडेट्टीवार ने सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ पांच हजार रुपये की अग्रिम मदद के फैसले को सरकार ऐतिहासिक बता रही है, दूसरी तरफ नमो शेतकरी सन्मान निधि की दो किस्तें रोककर बैठी है। उनके मुताबिक दोनों किस्तें मिलाकर 3 हजार 700 करोड़ रुपये देने थे, जो नहीं दिए गए। वडेट्टीवार ने कहा कि ऐसी सरकार महाराष्ट्र ने पहले कभी नहीं देखी।

गडचिरोली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह जिला मुख्यमंत्री के पास प्रभारी मंत्री के तौर पर है, फिर भी वहां की दस तहसीलें अब तक सूखे में शामिल नहीं की गईं। सिर्फ दो तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित हुई हैं और बाकी छोड़ दी गईं। वडेट्टीवार ने कहा कि कुछ लोग कर्नाटक का उदाहरण दे रहे हैं, पर वहां इतना बड़ा सूखा नहीं है, फिर भी वहां की सरकार ने किसानों को मदद की। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार ने खुले हाथ से नहीं, बल्कि हाथ खींचकर मदद की है।

वडेट्टीवार ने कहा कि महाराष्ट्र में 37 प्रतिशत कम बारिश हुई है, इसलिए केंद्र सरकार को पिछली बार जितनी मदद देनी चाहिए। उनके मुताबिक गुजरात को बिना मांगे मदद मिल जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र का दल आकर जा चुका है और दिवाली में ज्यादा वक्त नहीं बचा। उन्होंने यह भी कहा कि सूखे में फसल बीमा कंपनियों के हाथ खड़े कर देने और नाम भर की मदद देकर भाग जाने की आशंका है।

बीड जिले का हवाला देते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि पशुधन योजना शुरू होने से पहले वहां 800 करोड़ रुपये के फर्जी प्रस्ताव बन गए थे, जिन्हें आरोप लगने के बाद रद्द करना पड़ा। उनके मुताबिक वैदेही एग्रो कंपनी के संचालकों ने सरकार के कुछ लोगों को साथ लेकर यह कोशिश की थी, जो वक्त रहते पकड़ में आ गई। उन्होंने कहा कि सूखे में ऐसे कुछ भेड़िये फायदा उठाने के लिए तैयार बैठे हैं।

वडेट्टीवार ने सवाल किया कि पांच हजार रुपये में दिवाली कैसे मनेगी, मिठाई छोड़िए, क्या सादा खाना भी हो पाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को शर्म आनी चाहिए और उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उनके मुताबिक किसानों का आक्रोश सड़कों पर आएगा, और अगर दिवाली से पहले प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की मदद नहीं मिली, तो किसान मंत्रियों का घूमना मुश्किल कर देंगे।

उमर खालिद को लेकर कुणाल कामरा के बयान के संदर्भ में बोलते हुए वडेट्टीवार ने पूछा कि सबूत क्यों नहीं दिए गए और चार्जशीट अब तक फाइल क्यों नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि ढाई साल तक उसे जेल में क्यों रखा गया, और क्या सिर्फ इसलिए कि वह अल्पसंख्यक समाज से है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने सबूत और चार्जशीट दाखिल करने को कहा, फिर भी दाखिल नहीं किए जा रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में सीसीटीवी न होने वाले इलाकों में पुलिस लड़कियों को मारती है, और पूछा कि यह कैसी पुलिसिंग है।

शरद पोंक्षे के बारे में वडेट्टीवार ने कहा कि वे मनुस्मृति से अंधे हुए इंसान हैं। उनके मुताबिक पोंक्षे कई बार गोडसे का नाम लेते हैं, पर क्या वे अपने बच्चों का नाम उनके नाम पर रख सकते हैं। वडेट्टीवार ने कहा कि पोंक्षे मनुस्मृति को पहला संविधान कहते हैं और वे आधे समझदार इंसान हैं। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति में महिलाओं और शूद्रों की जगह कहां है, यह पोंक्षे उसे पढ़कर बताएं, और मनुस्मृति शूद्रों को कभी बराबरी का अधिकार नहीं देती।

वडेट्टीवार ने मीडिया से कहा कि महायुति के झगड़े पर भी नजर रखें और सिर्फ महाविकास आघाड़ी का झगड़ा न दिखाएं। उनके शब्दों में, उन्होंने महाराष्ट्र को नंगा कर दिया है और खुद भी नंगे हो रहे हैं, यह भी दिखाइए।

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