सूखे में किसानों से जबरन वसूली हुई तो कार्रवाई होगी, कृषि मंत्री भरणे की चेतावनी
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि सूखे के दौरान किसानों से कर्ज या दूसरी कोई वसूली नहीं होगी और 81 फीसदी पंचनामे का काम हो चुका है।
महाराष्ट्र के किसान इस वक्त सूखे और फसलों के नुकसान की वजह से बड़ी मुसीबत झेल रहे हैं। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने उन किसानों के लिए एक अहम और राहत देने वाला फैसला लिया है, जो सूखे और फसल के नुकसान से संकट में फंसे हैं। कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने बताया कि इस मुश्किल दौर में किसानों से किसी भी तरह के कर्ज या दूसरी वसूली न करने के साफ आदेश दिए गए हैं।
भरणे ने कहा कि इस बारे में डीडीआर को फौरन सूचना दे दी गई है। उनके मुताबिक यह वक्त किसानों के लिए कठिन वक्त है। सूखे की इस परेशानी में किसी को भी वसूली नहीं करनी चाहिए, और अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो सरकार की तरफ से उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कृषि मंत्री ने इस बारे में अपना रुख साफ रखा है।
मंत्री ने यह भी कहा कि अक्टूबर का महीना चल रहा है और बारिश जून के महीने तक है। लेकिन किसानों पर सूखे का संकट है, इसलिए सरकार कोशिश करेगी कि मदद जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचे। यह बात कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कही।
जिला उपनिबंधक यानी डीडीआर को दी गई सूचना के बारे में भरणे ने बताया कि उन्हें तुरंत निर्देश दिए गए हैं। सूखे के इस मुश्किल दौर में अगर किसी ने किसानों से जबरदस्ती वसूली करने की कोशिश की, तो सरकार की तरफ से उस पर कानूनी कार्रवाई होगी। यह चेतावनी भी कृषि मंत्री ने दी है।
पंचनामे के काम की स्थिति बताते हुए भरणे ने कहा कि 81 फीसदी पंचनामे का काम हो चुका है। उन्होंने बताया कि 1 करोड़ 50 लाख हेक्टेयर का काम पूरा हो गया है। बाकी काम आने वाले 4 से 5 दिन में हो जाएगा।
मदद के बारे में कृषि मंत्री ने भरोसा दिलाया कि पीक बीमा के साथ ही कृषि विभाग और जल संधारण विभाग के जरिए किसानों की मदद की जाएगी। राज्य के किसानों के लिए यह कठिन वक्त है, यह बात भरणे ने एक बार फिर दोहराई।
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