वाशिम में केंद्रीय टीम ने सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा किया, खेतों में फसल नुकसान देखा
केंद्र सरकार की अंतर मंत्रालयीन टीम ने शुक्रवार को वाशिम जिले में सूखे की हालत और फसलों के नुकसान का जायजा लिया।
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केंद्र सरकार की अंतर मंत्रालयीन केंद्रीय टीम ने शुक्रवार को वाशिम जिले के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। टीम ने पहले बैठक में जिले की सूखे की स्थिति और फसलों के नुकसान की जानकारी ली, उसके बाद मौके पर जाकर हालात देखे। केंद्रीय टीम में वरिष्ठ अधिकारी अर्जेशकुमार मधोक, महेश कुमार, सीमा रानी, संजय मीना और अभय भारत शामिल हैं।
कलेक्टर कार्यालय में टीम के सदस्यों की मौजूदगी में बैठक हुई। इसमें वाशिम के जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर, यवतमाल के जिलाधिकारी विकास मीना, अमरावती के जिलाधिकारी आशिष येरेकर, बुलढाणा के जिलाधिकारी प्रवीणकुमार देवरे और अकोला की जिलाधिकारी वर्षा मीना मौजूद थे। वाशिम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्पित चौहान और कृषि सहसंचालक गणेश घोरपडे भी बैठक में थे।
केंद्र सरकार ने राज्य में सूखे की पड़ताल के लिए 11 सदस्यों की टीम नियुक्त की है। इसमें कृषि, जलसंपदा, ग्रामीण विकास, पेयजल आपूर्ति, अन्न व सार्वजनिक वितरण, पशुसंवर्धन, वित्त विभाग और नीति आयोग समेत संबंधित विभागों के अधिकारी हैं। बैठक में अमरावती विभाग के जिलाधिकारियों ने अपने जिलों में सूखे की स्थिति पर प्रेजेंटेशन दिया।
जिलाधिकारियों ने टीम का ध्यान फसल नुकसान, पानी की उपलब्धता और टैंकरों की संभावित जरूरत की ओर खींचा। खेती पर निर्भर खेतमजूरों और जमीन मालिकों के सवाल तथा मजदूरों के पलायन की आशंका भी उठाई गई। बैठक में कृषि सहसंचालक घोरपडे ने प्रस्तावना रखी और जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी आरिफ शहा ने संचालन किया।
दोपहर 1 बजे दौरे के अगले चरण में टीम मानोरा तालुका के कुपटा पहुंची और मोहम्मद सादिक मोहम्मद शफी के खेत में गई। इसके बाद कारंजा तालुका के काळीकारंजा में त्र्यंबक फकिरा गुल्हाने और पानविहीर में रमेश भाऊराव थेर के खेत का दौरा किया। टीम ने फसल नुकसान देखा और किसानों से बात कर उनकी समस्याएं जानीं।
बैठक के बाद टीम ने जिले के अलग-अलग गांवों में जाकर सूखे की हालत, फसलों के नुकसान और पानी की किल्लत को मौके पर देखा। वाशिम तालुका के सुपखेला में दयाराम विठ्ठल राऊत के खेत में जाकर नुकसान का जायजा लिया गया। इसके बाद मंगरूळपीर तालुका के स्वासिन में लघु सिंचाई परियोजना का मुआयना कर इलाके की पानी की किल्लत का हाल लिया गया।
टीम सूखा प्रभावित इलाकों में फसल नुकसान, पानी की किल्लत और जमीनी हालात का वस्तुनिष्ठ आकलन करेगी। इसके आधार पर सूखे की असल स्थिति, खेती की फसलों के नुकसान, पानी की किल्लत और जरूरी उपायों की जानकारी केंद्र सरकार के सामने रखी जाएगी।