रविवार, 11 अक्टूबर 2026

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19:52 IST

सूखे पर केंद्रीय टीम से मिले मुख्यमंत्री फडणवीस, पीने के पानी और पशुओं पर रखा जोर

रविवार, 11 अक्टूबर को हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने बांधों में घटते पानी, फसलों के नुकसान और किसानों की मदद पर बात रखी।

सूखे पर केंद्रीय टीम से मिले मुख्यमंत्री फडणवीस, पीने के पानी और पशुओं पर रखा जोर तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

राज्य में इस साल सूखे जैसे हालात बन गए हैं। बारिश ने उम्मीद के मुताबिक साथ नहीं दिया, जिससे खेती का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। कई इलाकों में पानी की किल्लत सामने है और कपास, सोयाबीन और तूर जैसी फसलों की पैदावार पर भारी असर दिख रहा है।

इन्हीं हालात का जायजा लेने के लिए केंद्र की एक टीम महाराष्ट्र पहुंची है। पिछले कुछ दिनों से यह टीम राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जाकर मौके की स्थिति देख रही है। रविवार, 11 अक्टूबर को इस टीम के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बैठक हुई।

बैठक में केंद्रीय सूखा निरीक्षण टीम के प्रमुख, केंद्रीय संयुक्त सचिव मुक्तानंद अग्रवाल और टीम के बाकी सदस्य मौजूद थे। मंत्री गिरीश महाजन, दत्तात्रय भरणे और मकरंद पाटील भी बैठक में शामिल हुए। इस दौरान सूखे की तीव्रता, खेती के नुकसान और पानी की किल्लत पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने टीम के ध्यान में लाया कि राज्य के बांधों में पानी का भंडार लगातार घट रहा है और जानवरों के पीने के पानी का सवाल गंभीर होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि कपास और सोयाबीन का उत्पादन घटा है और तूर की फसल को भी मार पड़ी है।

फडणवीस ने साफ किया कि राज्य पर बड़ा कृषि संकट आया है और आने वाले रबी सीजन पर भी इसका असर पड़ने का डर है। इसलिए किसानों और खेत मजदूरों को हर तरह की मदद देना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि मदद की योजना बनाते वक्त आम किसान और खेत मजदूर केंद्र में रहेंगे। अलग-अलग इलाकों का दौरा कर हालात देखने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय टीम का आभार भी माना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखे के दौरान पीने के पानी को सबसे ऊंची प्राथमिकता रहेगी। राज्य सरकार नागरिकों के साथ जानवरों के लिए भी पर्याप्त पानी मुहैया कराने की योजना बनाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि पानी का आरक्षण कर दिया गया है।

केंद्रीय टीम को शुरुआती निवेदन सौंपा जा चुका है और अंतिम रिपोर्ट जल्द ही पेश की जाएगी। अब टीम की रिपोर्ट के बाद राज्य को कितनी आर्थिक मदद मिलती है, इस पर किसानों की नजर टिकी है। सूखे से निपटते हुए खेती, पानी की आपूर्ति और पशुधन की हिफाजत राज्य के सामने बड़ी चुनौतियां होंगी।

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