सूखे से जूझते किसानों के लिए कांग्रेस का जनआक्रोश मोर्चा, हेक्टेयर पर 1 लाख रुपये की मांग
छत्रपति संभाजीनगर में कांग्रेस ने किसानों के लिए तुरंत आर्थिक मदद, पूरी कर्जमाफी और हेक्टेयर पर एक लाख रुपये अनुदान की मांग की।
महाराष्ट्र में सूखे को लेकर चिंता का माहौल है। इस साल बारिश ने साथ नहीं दिया, जिससे राज्य में पानी की किल्लत बड़ा सवाल बन गई है। पर्याप्त बारिश न होने से किसान परेशान दिख रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस किसानों के सवालों को लेकर सड़क पर उतरी और उसने जनआक्रोश सूखा मोर्चा निकाला।
छत्रपति संभाजीनगर में महाराष्ट्र के प्रभारी डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद और प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की अगुवाई में यह मोर्चा निकाला गया। मोर्चे में किसानों को तुरंत आर्थिक मदद, पूरी कर्जमाफी और हेक्टेयर पर एक लाख रुपये अनुदान देने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा महायुति सरकार के सूखे से निपटने के रुख की भी कड़ी आलोचना की।
मोर्चे को संबोधित करते हुए डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद ने किसानों की आर्थिक हालत का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि किसानों की आत्महत्याएं बढ़ रही हैं और सरकार की मदद पर सवाल खड़े किए। उद्योगपतियों की कर्जमाफी का हवाला देते हुए उन्होंने पूछा कि किसानों का दो लाख रुपये का कर्ज माफ करने में सरकार को क्या दिक्कत है। उन्होंने यह भी मांग की कि सूखे से मुश्किल में आए किसान और आम नागरिकों की समस्याओं को सरकार गंभीरता से ले।
प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस साल के खरीफ सीजन के नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि किसान आसमानी संकट का सामना कर रहे हैं और सरकारी स्तर की मदद के लिए भी उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है। दिवाली के लिए किसानों को पांच हजार रुपये देने के फैसले की आलोचना करते हुए सपकाल ने कहा कि यह मदद नाकाफी है। संकट में फंसे किसानों को तुरंत राहत की जरूरत बताते हुए उन्होंने पूरी कर्जमाफी और हेक्टेयर पर एक लाख रुपये अनुदान की मांग की।
कांग्रेस की ओर से मांग की गई कि किसानों को मदद देते समय सर्वे और पंचनामा रिपोर्टों का इंतजार किए बिना तुरंत फैसला लिया जाए। इसके अलावा खेत मजदूरों को अनुग्रह अनुदान, मनरेगा के काम शुरू करने, किसानों के बच्चों की शैक्षणिक फीस माफ करने और विद्यार्थियों को मुफ्त एसटी पास देने की मांग भी की गई।
मोर्चे में मवेशियों के लिए चारा शिविर शुरू करने, पीने के पानी के लिए टैंकर उपलब्ध कराने और साहूकारों की ओर से होने वाली कथित प्रताड़ना रोकने के मुद्दे भी शामिल थे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और CWC सदस्य बालासाहेब थोरात ने कहा कि मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति गंभीर है। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के नुकसान और रबी फसलों को लेकर अनिश्चितता की वजह से किसान, खेत मजदूर और पशुधन मुश्किल में हैं।
थोरात ने मांग की कि असिंचित और सिंचित खेती के लिए कितनी मदद दी जाएगी, यह सरकार साफ करे। बैंकों, वित्तीय कंपनियों और साहूकारों की वसूली का तकाजा रोकने की मांग करते हुए उन्होंने अपील की कि सरकारी निधि का इस्तेमाल किसानों और आम नागरिकों को राहत देने के लिए किया जाए।
मोर्चे में सांसद डॉ. कल्याण काले, सांसद डॉ. शिवाजीराव कालगे, सांसद प्रा. रविंद्र चव्हाण और बालासाहेब थोरात के साथ कांग्रेस के पदाधिकारी और नागरिक शामिल हुए। अब नजर इस पर है कि सूखाग्रस्त किसानों की मांगों पर राज्य सरकार क्या फैसला लेती है।