माहूर घाट में टेम्पो 100 फुट गहरी खाई में गिरा, यवतमाल के तीन श्रद्धालुओं की मौत
रेणुका माता के दर्शन करके यवतमाल लौट रहे श्रद्धालुओं का टेम्पो माहूर घाट में खाई में गिर गया। हादसे में तीन की जान गई और तीन मामूली घायल हुए।
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नांदेड जिले के श्रीक्षेत्र माहूर गढ़ पर रेणुका माता के दर्शन करके यवतमाल लौट रहे श्रद्धालुओं का टेम्पो माहूर घाट में हादसे का शिकार हो गया। ड्राइवर का कंट्रोल छूट गया और टेम्पो करीब सौ फुट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि ड्राइवर समेत तीन लोग मामूली घायल हुए हैं।
यह हादसा गुरुवार सुबह करीब पांच बजे हुआ। टेम्पो के पिछले डाले में बैठे तीनों लोग मारे गए। केबिन में बैठे ड्राइवर समेत तीन लोग मामूली रूप से घायल हुए। मरने वाले तीनों यवतमाल के रहने वाले थे। उनके नाम बाबाराव ज्ञानोबा टेकाम (उम्र 60), राहुल सुधाकरराव ठाकरे (उम्र 25) और प्रीतम रामराव प्रधान (उम्र 38) हैं। घायलों में ड्राइवर प्रतीक अरविंद अडकिने (26), दत्ता मनोहर मेश्राम (35) और यशवंत अरविंद पाटील (उम्र 25) शामिल हैं।
खबर मिलते ही पुलिस निरीक्षक देविदास चोपडे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया गया। क्रेन की मदद से टेम्पो को बाहर निकाला गया। उपविभागीय पुलिस अधिकारी किरणकुमार भोंडवे ने भी मौके का दौरा किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यवतमाल में फर्नीचर की दुकान पर काम करने वाले छह मज़दूर मैक्सिमो जितो टेम्पो से बुधवार रात माहूर आए थे। रेणुका माता के दर्शन और कार्यक्रम पूरा करके वे लौट रहे थे। सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के दफ्तर के पीछे घाट के पहले खतरनाक मोड़ पर सामने से आ रही गाड़ी की लाइट ड्राइवर की आंखों पर पड़ी। सामने वाली गाड़ी उलटी दिशा से आ रही थी, इसलिए ड्राइवर का कंट्रोल छूट गया और टेम्पो खाई में गिर गया। यह भी सामने आया है कि इस मोड़ पर सुरक्षा के लिए रेलिंग या कठघरे नहीं हैं।
राज्य में और देश भर में सड़क हादसे बढ़ रहे हैं और रोज़ कई लोगों को इनमें अपनी जान गंवानी पड़ रही है। माहूर घाट का यह हादसा उसी कड़ी में जुड़ गया, जहां दर्शन करके घर लौट रहे तीन परिवारों के सदस्य वापस नहीं पहुंच सके।