यवतमाल: सूखे से किसानों को लाखों का नुकसान, पांच हजार की मदद की चर्चा से नाराजगी
सूखे से हुए नुकसान के बाद किसानों को राज्य सरकार से पांच हजार रुपये की मदद मिलने की चर्चा है, लेकिन किसान इसे नुकसान के मुकाबले बहुत कम बता रहे हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
यवतमाल में कुदरत की मार से किसानों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। किसानों के सामने लाखों रुपये का आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में चर्चा चल रही है कि सरकार की तरफ से हर किसान को पांच हजार रुपये की मदद मिलेगी। इस चर्चा से किसानों में नाराजगी है। किसान पूछ रहे हैं कि नुकसान लाखों का हो और मदद इतनी कम मिले, तो उन्हें राहत कैसे मिलेगी।
सूखे से परेशान किसानों को राज्य सरकार की तरफ से पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी, यह बात फिलहाल चर्चा में ही है। इस मदद को लेकर अब तक आधिकारिक घोषणा और अमल की साफ जानकारी सामने आना जरूरी है। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नुकसान भरपाई मिलेगी या नहीं, और मिलेगी तो कब, इसे लेकर भी किसानों में अनिश्चितता बनी हुई है।
मंत्रियों की तरफ से कहा गया था कि किसानों की दिवाली काली नहीं होने दी जाएगी और किसानों को राहत देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। राजस्व, कृषि विभाग और गांव स्तर के अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए थे कि वे किसानों के खेत की मेड़ पर जाकर नुकसान का मुआयना करें, जांच करें और रिपोर्ट सरकार को सौंपें।
इस साल के सूखे की गंभीरता को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री, कृषि मंत्री, अलग-अलग जिलों के प्रभारी मंत्री, सांसद और विधायकों ने खेतों में जाकर हालात देखे। इसके बाद राज्य सरकार ने जरूरी प्रक्रिया पूरी करके सूखा घोषित किया। उस वक्त किसानों को भरपूर आर्थिक मदद देने के आश्वासन भी दिए गए थे।
इस बीच संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने खेतों में जाकर मुआयना किया, किसानों से जरूरी जानकारी ली और कई अर्जी व फॉर्म भी भरवाए। फिर भी प्रक्रिया पूरी होने के बाद असल मदद कब मिलेगी, इस पर कोई साफ जवाब नहीं है। इससे किसानों में उलझन का माहौल है। सवाल उठ रहा है कि रिपोर्ट सरकारी दफ्तरों में अटकी पड़ी हैं या मदद बांटने की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
किसानों का लाखों का नुकसान हो रहा है, तो क्या उन्हें मिलने वाली मदद नुकसान के मुकाबले काफी होगी? उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार सूखा पीड़ित किसानों की तकलीफ को समझकर मदद पर जल्द अपना रुख साफ करे और असल मदद किसानों के खाते में जमा करे। मांग है कि आर्थिक संकट में फंसे किसानों को सिर्फ आश्वासनों पर न रखा जाए, बल्कि सरकार ठोस फैसला लेकर तुरंत मदद दे। नुकसान झेल रहे किसानों को सही आर्थिक भरपाई, फसल बीमा और दूसरी सरकारी योजनाओं का फायदा समय पर मिलना जरूरी है।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।