बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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20:32 IST

चंद्रपुर जिले की सभी 15 तहसीलें सूखाग्रस्त, बल्लारपुर, ब्रह्मपुरी और जिवती भी सूची में जुड़ीं

नए शासन निर्णय के बाद पूरा चंद्रपुर जिला अधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त घोषित हो गया है।

चंद्रपुर जिले की सभी 15 तहसीलें सूखाग्रस्त, बल्लारपुर, ब्रह्मपुरी और जिवती भी सूची में जुड़ीं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

चंद्रपुर जिले की सभी 15 तहसीलें अब सूखाग्रस्त तहसीलों में गिनी जाएंगी। इस बारे में सरकारी आदेश आ चुका है। चालू खरीफ सीजन 2026 में बारिश कम हुई और बीच में लंबा अंतराल भी पड़ा, जिससे जिले में सूखे के गंभीर हालात बन गए थे।

शुरुआत में जिले की सिर्फ 12 तहसीलों को सूखाग्रस्त सूची में रखा गया था। बल्लारपुर, ब्रह्मपुरी और जिवती, ये तीन तहसीलें उस सूची से बाहर रह गई थीं। 14 अक्टूबर को जारी नए सरकारी आदेश में इन बची हुई तीनों तहसीलों को भी सूची में शामिल कर लिया गया है।

इसके साथ ही जिले की सारी 15 तहसीलें 'ट्रीगर-1' और 'ट्रीगर-2' में आ गई हैं और पूरा जिला अधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित हो गया है। राज्य सरकार अब तक 305 तहसीलों में सूखा घोषित कर चुकी है, और चंद्रपुर की सारी तहसीलें उसमें आ जाने से किसानों को बड़ी राहत मिली है।

सूखा प्रबंधन संहिता-2016 की तय प्रक्रिया के हिसाब से राज्य सरकार ने हालात का आकलन किया है और सूखाग्रस्त तहसीलों के लिए खास रियायतें और उपाय लागू किए हैं। किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए जमीन राजस्व में छूट दी गई है। फसल कर्ज का पुनर्गठन होगा और खेती से जुड़े कर्ज की वसूली फिलहाल रोक दी गई है।

खेती के पंपों के चालू बिजली बिल में भी खास छूट का ऐलान हुआ है। 7.5 हॉर्सपावर तक के खेती के बिजली बिल पहले ही माफ किए जा चुके हैं, इसलिए यह नई छूट उससे ज्यादा क्षमता वाले पंपों पर लागू होगी। इसके अलावा सूखाग्रस्त इलाके के स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस पूरी तरह माफ करने का अहम फैसला भी सरकार ने लिया है।

गांवों में किसानों और खेतमजदूरों को काम मिल सके, इसके लिए रोजगार गारंटी योजना के नियमों और मानकों में ढील दी गई है। निर्देश हैं कि ज्यादा से ज्यादा विकास कार्य तुरंत शुरू किए जाएं।

जिन गांवों में पानी की किल्लत घोषित हुई है, वहां लोगों को पीने का पूरा पानी मिले, इसके लिए टैंकर से पानी सप्लाई की जाएगी। ऐसे गांवों में किसानों का खेती का बिजली कनेक्शन किसी भी हालत में नहीं काटा जाएगा। किसानों और खेतमजदूरों की रोजी-रोटी पर सूखे का बुरा असर न पड़े, इसलिए अनाज की कमी न होने देने का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

जानवरों के लिए चारा और पीने के पानी की व्यवस्था के साथ जल संरक्षण के कई काम युद्धस्तर पर हाथ में लिए जाएंगे। प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि संबंधित विभाग लोगों के लिए पानी और चारे की सटीक योजना बनाएं।

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