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20:31 IST

कैबिनेट बैठक: 40 और तालुके सूखाग्रस्त घोषित, किसानों को दिवाली से पहले 5 हजार रुपये

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री अतिथिगृह में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सूखे, जमीन और प्रधानमंत्री मोदी को बधाई से जुड़े कई फैसले हुए।

कैबिनेट बैठक: 40 और तालुके सूखाग्रस्त घोषित, किसानों को दिवाली से पहले 5 हजार रुपये तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को सह्याद्री अतिथिगृह में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि राज्य के 40 और तालुके सूखाग्रस्त घोषित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही मौजूदा हालात में किसानों को आने वाली दिवाली से पहले राहत देने के लिए उनके खाते में पांच हजार रुपये का अग्रिम जमा करने का फैसला लिया गया है।

राज्य में पहले ही 265 तालुकों में सूखा घोषित किया जा चुका है। अब 40 और तालुके जुड़ने से सूखाग्रस्त तालुकों की संख्या 305 हो गई है। इन तालुकों में सूखा राहत के उपायों को प्राथमिकता दी जाएगी। पहले शामिल किए गए तालुकों में सूखे को लेकर ट्रिगर एक लागू किया गया था। अब नए जुड़े तालुकों के साथ इन सभी में ट्रिगर लागू करने की कार्रवाई तेज की जा रही है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक कर्ज वसूली के लिए किसानों के पीछे किसी भी तरह का तगादा न लगाने की सख्त हिदायत संबंधित सोसाइटियों, जिला बैंकों, राष्ट्रीयकृत बैंकों और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों को दी गई है। उन्होंने कहा कि माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर नजर रखी जा रही है और उन्हें भी ज्यादती न करने की साफ सूचना दी गई है। फडणवीस ने यह भी कहा कि राज्य में खेती के लिए साढ़े सात हॉर्स पावर तक की बिजली सप्लाई मुफ्त ही है, और इसके बावजूद अगर कोई बिजली बिल के लिए तगादा लगाए तो उसे ऐसा न करने की सख्त सूचना दी जाएगी।

पीने का पानी उपलब्ध रहे, इसके लिए पानी की अवैध निकासी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने जानकारी दी कि इसके लिए 16 हजार बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि सूखाग्रस्त तालुकों के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस बिना कोई शर्त लगाए पूरी तरह माफ करने के निर्देश दिए गए हैं।

जानवरों के लिए चारे की उपलब्धता को लेकर भी बैठक में उपायों पर चर्चा हुई और चारे की स्थिति की व्यापक समीक्षा की गई। सुझाव दिया गया कि जहां पानी है वहां चारे की फसलें लगाई जाएं और रबी में भी ज्वार जैसी चारा देने वाली फसलें लेने की कोशिश हो। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि किसानों ने जो चारा उगाया होगा, उसे सरकार गारंटी भाव पर खरीदेगी।

बैठक में श्री संत गजानन महाराज संस्थान, शेगांव को गांव गिरडा (तालुका और जिला बुलढाणा) में वृक्षारोपण के लिए दी गई 19 हेक्टेयर 6 आर ई वर्ग की सरकारी जमीन में से 3 हेक्टेयर 81 आर पर तीर्थस्थल विकास के लिए स्थायी निर्माण की मंजूरी दी गई। संस्थान ने इसका प्रस्ताव दिया था। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्मृति केंद्र, इको टूरिज्म सेंटर, शांति कुटीर, निवास संकुल, सभागार, प्रदर्शनी केंद्र, खुला मंच, नैचुरोपैथी केंद्र, आयुर्वेदिक रिसर्च सेंटर, अस्पताल और ग्रामीण कुटीर उद्योग जैसे निर्माण शामिल हैं। मंजूरी महाराष्ट्र जमीन राजस्व संहिता, 1966 की धारा 40 के तहत शर्तों के साथ दी गई है। मुख्य शर्त यह है कि निर्माण के लिए जरूरी जमीन छोड़कर बाकी 15 हेक्टेयर 25 आर क्षेत्र का इस्तेमाल वृक्षारोपण के लिए ही करना होगा।

मंत्रिमंडल ने सरकारी मालिकाना हक वाले छोटे, संकरे, अनुपयोगी आकार वाले और पहुंच मार्ग रहित भूखंडों के वितरण की नीति में सुधार को भी मंजूरी दी। इसके लिए महाराष्ट्र जमीन राजस्व (सरकारी जमीन का निपटारा) नियम, 1971 के नियम 37 और 37 ए के प्रावधानों में बदलाव किया जाएगा। ऐसे भूखंडों के लिए नीति 5 अगस्त 2025 की बैठक में तय हुई थी, जिसमें आवंटित भूखंड का क्षेत्र बगल के धारक के कुल क्षेत्र के 10 प्रतिशत से ज्यादा न होने की शर्त थी। जनप्रतिनिधियों ने यह अनुपात बढ़ाने की मांग की थी। इसके मुताबिक अब यह सीमा 25 प्रतिशत की जाएगी। जिस भूखंड पर निर्माण संभव न हो, उसमें यह शर्त सरकार की मंजूरी से शिथिल की जा सकेगी। निर्माण की अनुमति न वाले भूखंड को स्थायी रूप से खुली जगह रखना अनिवार्य होगा। भविष्य में विकास नियमावली बदलने पर वहां निर्माण हुआ तो प्रचलित दर के हिसाब से अंतर की रकम (अधिमूल्य समेत) वसूलने का अधिकार सरकार के पास रहेगा।

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देने वाला प्रस्ताव भी पास हुआ। प्रस्ताव के मुताबिक मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 से 7 अक्टूबर 2026 तक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सरकार प्रमुख की हैसियत से लगातार 25 साल जनसेवा की है। प्रस्ताव में सुशासन, सर्वसमावेशी विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, सामाजिक सशक्तीकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में हुए बदलाव की प्रशंसा की गई है। महाराष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र सरकार के सहयोग पर मंत्रिमंडल ने आभार भी जताया।

प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी खुद को प्रधानसेवक मानते हैं और उन्होंने अपने काम से साबित किया है कि सत्ता सेवा का साधन है। मंत्रिमंडल ने उनके नेतृत्व की सराहना की है। मंत्रिमंडल ने यह भी नोट किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2029 तक भारतीय अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का संकल्प किया है, उसी तर्ज पर महाराष्ट्र ने एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा है, और केंद्र के सहयोग से इन प्रयासों को बल मिल रहा है।

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