शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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03:40 IST

जालना में केंद्रीय टीम ने खेतों में देखा सूखे का हाल, किसानों ने रखी मुआवज़े की मांग

केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी टीम ने जालना जिले के खेतों, सूखे कुओं और गल्हाटी मध्यम परियोजना का जायज़ा लिया। टीम अब सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी।

जालना में केंद्रीय टीम ने खेतों में देखा सूखे का हाल, किसानों ने रखी मुआवज़े की मांग तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

बारिश न होने से खेती को भारी नुकसान हो रहा है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयी टीम ने जालना जिले में सूखे जैसे हालात का मौके पर जाकर जायज़ा लिया। टीम बदनापूर तहसील के नाणेगाव, अंबड तहसील के किणगाववाडी और जामखेड इलाके में पहुंची। वहां फसलों की हालत, पानी की उपलब्धता और किसानों की परेशानियों के बारे में जानकारी ली गई। दौरे के बाद टीम हालात की रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

टीम की अगुवाई कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुक्तानंद अग्रवाल कर रहे थे। टीम ने अलग-अलग खेतों में जाकर फसलों को देखा। बारिश में आए ब्रेक का फसलों की बढ़त पर क्या असर पड़ा और पैदावार में कितनी कमी आ सकती है, इस बारे में किसानों से बात की गई।

बदनापूर तहसील के नाणेगाव में किसान शिवाजी डोंगरे के खेत की झुलसी हुई सोयाबीन की फसल देखी गई। अंबड तहसील के किणगाववाडी में टीम उदल हरीचंद शिहिरे के खेत पहुंची, जहां मोसंबी के पेड़ झुलस चुके हैं और खेत-तालाब सूखा पड़ा है।

इसके अलावा शिवलाल गांगे के खेत की अदरक, बालचंद गांगे के खेत का कपास और जामखेड के संतोष गुरुके के खेत की बाजरे की फसल का भी मुआयना किया गया। गणेश जुंजार के खेत में सूखे कुएं को देखकर पानी की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली गई।

टीम ने अंबड तहसील की गल्हाटी मध्यम परियोजना का भी दौरा किया, जो अब सूख चुकी है। इस परियोजना के भरोसे चलने वाले गांवों की पानी सप्लाई, सिंचाई के लिए घटते पानी और मछली पकड़कर गुज़ारा करने वाले 106 परिवारों की दिक्कतों के बारे में पूछताछ की गई। परियोजना इलाके में उत्तमराव साळुंके के खेत का कपास और दूसरे खेतों की गन्ने की फसल भी देखी गई। पानी की कमी से खेती के सामने जो मुश्किलें खड़ी हुई हैं, उनकी जानकारी संबंधित अधिकारियों ने टीम को दी।

किसानों ने टीम के सामने बारिश में आए ब्रेक, फसलों के नुकसान, बढ़ती लागत और सिंचाई के लिए पानी न मिलने की परेशानी रखी। उनका कहना था कि खराब मौसम की वजह से खेती का हिसाब बिगड़ रहा है, इसलिए उन्होंने सरकार से फौरन मदद की उम्मीद जताई।

जिले में बारिश कितनी हुई, खरीफ की फसलों की मौजूदा हालत क्या है और सूखे जैसे हालात कैसे हैं, इसकी पूरी जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियों ने टीम को दी। मौके पर हुए मुआयना और किसानों से बातचीत के आधार पर टीम सरकार को रिपोर्ट देगी।

अब सबकी नज़र इस पर है कि रिपोर्ट के बाद किसानों को नुकसान भरपाई या दूसरी मदद के बारे में क्या फैसले लिए जाते हैं। किसानों की मांग है कि फसलों के नुकसान का सही आकलन करके आर्थिक मदद दी जाए और पानी की किल्लत दूर करने के लिए असरदार कदम उठाए जाएं।

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